Question:medium

त्वाम्' शब्द में विभक्ति एवं वचन है

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सर्वनाम रूपों (अस्मद्, युष्मद्) की तालिका याद करना अनिवार्य है। 'त्वाम्' और 'माम्' दोनों ही द्वितीया विभक्ति एकवचन के रूप हैं।
Updated On: Feb 19, 2026
  • द्वितीया विभक्ति, एकवचन
  • चतुर्थी विभक्ति, एकवचन
  • षष्ठी विभक्ति, बहुवचन
  • तृतीया विभक्ति, एकवचन
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

विश्लेषण: ‘त्वाम्’ संस्कृत का सर्वनाम शब्द है, जो ‘त्वद्’ (तुम) शब्द का रूप है।
संस्कृत व्याकरण में सर्वनाम शब्दों के रूप विभक्ति और वचन के अनुसार बदलते हैं।

‘त्वद्’ शब्द के रूपों में — त्वम् (प्रथमा), त्वाम् (द्वितीया), त्वया (तृतीया) आदि रूप आते हैं।
यहाँ ‘त्वाम्’ रूप कर्मकारक को व्यक्त करता है, अर्थात् जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है।
द्वितीया विभक्ति का प्रयोग सामान्यतः कर्म के लिए किया जाता है।

वचन की दृष्टि से ‘त्वाम्’ एक ही व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है, इसलिए यह एकवचन है।
यदि बहुवचन होता तो रूप भिन्न होता, जैसे — ‘युष्मान्’ आदि।

अतः व्याकरणिक दृष्टि से ‘त्वाम्’ शब्द द्वितीया विभक्ति तथा एकवचन का रूप है।

निष्कर्ष: ‘त्वाम्’ शब्द में द्वितीया विभक्ति, एकवचन है।
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