Step 1: संक्षिप्त पुनःकथन:
वात्सल्य रस वह रस है जिसमें संतान के प्रति माता-पिता अथवा बड़ों के स्वाभाविक स्नेह, ममता और वात्सल्य भाव की अभिव्यक्ति होती है। इसका स्थायी भाव 'वात्सल्य रति' है। उदाहरण: यशोदा का बाल कृष्ण के प्रति स्नेह-भाव — 'जसोदा हरि पालनैं झुलावै। हलरावै, दुलरावै, मल्हावै, जोई सोई कछु गावै॥' (सूरदास)।
Final Answer:
यह परिभाषा इसकी पहचान हेतु पर्याप्त है।