Question:medium

निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 
किंतु यह भ्रम है... यह बाढ़ नहीं, पानी में डूबे धान के खेत हैं। अगर हम थोड़ी सी हिम्मत बटोरकर गाँव के भीतर चलें, तब वे औरतें दिखाई देंगी जो एक पाँव में झुकी हुई धान के पौधे छप-छप पानी में रोप रही हैं; सुंदर, सुघड़, धूप में चमकमारती काली रंगत और सिरों पर चटाई के किश्तीनुमा हैट, जो फ़ोटो या फ़िल्मों में देखे हुए वियतनामी या चीनी औरतों की याद दिलाते हैं। ज़रा-सी आहट पाते ही वे एक साथ सिर उठाकर चौकी हुई निगाहों से हमें देखती हैं — बिल्कुल उन युवा हिरणियों की तरह, जिन्हें मैंने एक बार कान्हा के वन्यस्थल में देखा था। किंतु वे डरती नहीं, भागती नहीं, सिर्फ़ विस्मय से मुस्कराती हैं और फिर सिर झुकाकर अपने काम में डूब जाती हैं... यह सम्पूर्ण दृश्य इतना साफ़ और सजीव है — अपनी स्वच्छ मासूमियत में इतना संपूर्ण और शाश्वत — कि एक क्षण के लिए विश्वास नहीं होता।

Show Hint

सप्रसंग व्याख्या में संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या और निष्कर्ष—इन चारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना जरूरी होता है।
Updated On: Jan 14, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

संदर्भ:
यह अंश उस लेख से लिया गया है जो ग्रामीण जीवन की सादगी, सुंदरता और महिलाओं की शक्ति को दर्शाता है। यह भाग पाठक को गाँव की असलियत और महिलाओं के श्रम से परिचित कराता है। प्रसंग:
लेखक जब बाढ़ प्रभावित गाँव की ओर जाता है, तो उसे लगता है कि सब कुछ पानी में डूबा हुआ है। लेकिन आगे बढ़ने पर, उसे असली दृश्य दिखाई देता है—बाढ़ नहीं, बल्कि धान के खेतों में काम करती हुई महिलाएं, जिनकी गतिविधियाँ पानी में एक जीवंत दृश्य बनाती हैं। व्याख्या:
इस अंश में, लेखक ग्रामीण महिलाओं के परिश्रम, सौंदर्य और आत्मविश्वास को दिखाता है। महिलाएं पानी में खड़ी होकर खेतों में काम कर रही हैं। वे सुंदर, चौकस और आत्म-नियंत्रित हैं। उनका व्यवहार हिरणियों जैसा है, लेकिन वे डरती या भागती नहीं हैं।
यह वर्णन महिलाओं की शारीरिक क्षमता और उनके भीतर के मजबूत आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेखक के लिए, यह दृश्य बाढ़ से पीड़ित गाँव का दुख नहीं है, बल्कि गाँव की जीवंतता और कार्यशीलता का प्रतीक है।
लेखक इस सुंदरता से प्रभावित होता है और स्वीकार करता है कि यह दृश्य इतना पवित्र और अविस्मरणीय है कि उस पर विश्वास करना मुश्किल है। निष्कर्ष:
यह अंश एक गहरी सांस्कृतिक सच्चाई को दर्शाता है जहाँ ग्रामीण महिलाएं केवल किसान नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा हैं। यह वर्णन ग्रामीण भारत की सुंदरता, परिश्रम और सम्मान की झलक देता है।
Was this answer helpful?
0

Top Questions on सप्रसंग व्याख्या