Question:medium

‘वसंत आया’ कविता की मूल संवेदना स्पष्ट कीजिए। 
 

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वसंत = जीवन का प्रतीक — जहां भी नई शुरुआत हो, वहां वसंत खिल उठता है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘वसंत आया’ कविता वसंत ऋतु के आगमन को प्राकृतिक के साथ-साथ मानवीय और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में दर्शाती है। कवि ने वसंत को प्रकृति के आह्वान, जीवन की पुनर्जन्म और आनंद की भावना के रूप में प्रस्तुत किया है।
(1) कविता की मुख्य भावना आशा, उत्साह और नए निर्माण की है।
(2) वसंत केवल पेड़-पौधों के खिलने का समय नहीं है, बल्कि हृदय में एक नई भावना के उत्पन्न होने का समय है।
(3) कविता में वसंत का स्वागत एक मित्र या प्रियजन की तरह किया गया है, मानो जीवन में फिर से उम्मीद लौट आई हो।
(4) फूलों की खुशबू, कोयल की आवाज़, पत्तों की हरियाली — ये सभी प्रकृति की सुंदरता को हृदय से जोड़ते हैं।
(5) इस कविता के माध्यम से कवि ने बताया है कि यदि मनुष्य प्रकृति से जुड़ा रहे, तो उसका जीवन भी वसंतमय हो सकता है।
निष्कर्ष: ‘वसंत आया’ केवल ऋतु-परिवर्तन नहीं, बल्कि चेतना का उत्सव है। इसकी मुख्य भावना यह है कि हर ठहराव के बाद गति आती है, और हर पतझड़ के बाद वसंत लौटता है।
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