चित्रकला, संगीतकला या नृत्यकला की तरह कविता लेखन की कला सिखाई क्यों नहीं जा सकती? स्पष्ट कीजिए।
‘देवसेना का गीत’ कविता के आधार पर लिखिए कि देवसेना के जीवन की विडंबना किसे कहा गया है और क्यों?
‘तोड़ो’ कविता का कवि सृजन का आकांक्षी है, विध्वंस का नहीं। सिद्ध कीजिए।
‘जो है वह सुलगाता है। जो नहीं है वह फेंकने लगता है पचाखियाँ’ — पंक्ति के सन्दर्भ में ‘सुलगाने’ और ‘पचाखियाँ फेंकने’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
लागेउ माँह परे अब पाला~। बिरह काल भएउ जड़ काला~॥
पहिल पहिल तन रूई जो झाँपे~। रहिल रहिल अधिको हिय काँपे~॥
आई सूर होइ तपु रे नाहाँ~। तेहि बिनु जाड़ न छूटे माँहँ~॥
एहि मास उपजै रस मूलू~। तूँ सो भँवर मोर जोबन फूलू~॥