विश्लेषण: ‘तूफानों के बीच’ एक ऐसी रचना है जिसमें लेखक किसी घटना, परिस्थिति या प्राकृतिक आपदा का सजीव, प्रभावशाली और प्रत्यक्ष अनुभव जैसा वर्णन करता है।
इस प्रकार की रचना में घटनाओं को केवल बताया नहीं जाता, बल्कि उनका चित्रण इस प्रकार किया जाता है कि पाठक स्वयं को उस वातावरण में उपस्थित महसूस करे।
रचना में स्थान, समय, परिस्थिति, लोगों की मनःस्थिति तथा घटनाओं का क्रमबद्ध और तथ्यपरक विवरण प्रस्तुत किया जाता है।
रिपोर्ताज विधा की मुख्य विशेषता यह होती है कि इसमें वास्तविक घटनाओं का आधार होता है और लेखक अपनी दृष्टि से उनका मार्मिक एवं रोचक वर्णन करता है।
भाषा शैली प्रभावशाली, चित्रात्मक और संवेदनात्मक होती है, जिससे पाठक के मन में घटनाओं की स्पष्ट छवि बनती है।
‘तूफानों के बीच’ में भी विपरीत परिस्थितियों, संघर्ष और अनुभवों का जीवंत चित्रण मिलता है, जो इसे सामान्य निबंध या कहानी से अलग बनाता है।
निष्कर्ष: उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर स्पष्ट है कि ‘तूफानों के बीच’ रचना की विधा रिपोर्ताज है।