Question:medium

“सरोज-स्मृति” कविता के माध्यम से निराला का जीवन संघर्ष प्रकट हुआ है। कथन की पुष्टि कीजिए। 
 

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“सरोज-स्मृति” कविता शोक को दर्शन में परिवर्तित करने का उदाहरण है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

“सरोज-स्मृति” महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की एक मार्मिक कविता है, जो उनकी पुत्री सरोज की मृत्यु पर आधारित है, जिसमें कवि ने अपनी गहरी पीड़ा, आत्म-विश्लेषण और जीवन के संघर्षों को व्यक्त किया है।
(1) यह कविता केवल शोकगीत नहीं है, बल्कि कवि के जीवन की दुखद कहानी है।
(2) इसमें गरीबी, पारिवारिक दुःख, सामाजिक उदासीनता, और कवि के मन की पीड़ा को दर्शाया गया है।
(3) निराला सरोज की याद में अपने जीवन के संघर्षों को व्यक्त करते हैं — “वह नहीं रही, मैं क्या करूँ?”
(4) कविता उनके आत्म-मूल्यांकन और जीवन के प्रति विद्रोही रवैये को प्रकट करती है।
(5) यह रचना उनके जीवन के संपूर्ण दर्शन का प्रतिनिधित्व करती है।
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