Step 1: प्रश्न को समझना।
स्प्रिंग से जुड़ा घन और एक मुक्त गोला, दोनों समान द्रव्यमान के हैं, घर्षणरहित सतह पर हैं। संघट्ट प्रत्यास्थ (elastic) हैं। हमें देखना है कि संपीड़न $\ell$ बढ़ने पर आवर्तकाल $T$ पर क्या असर पड़ता है।
Step 2: स्प्रिंग चरण।
घन $\ell$ संपीड़न से छूटकर साम्यावस्था तक $\dfrac{T_{shm}}{4}=\dfrac{\pi}{2}\sqrt{\dfrac{m}{k}}$ समय लेता है और अधिकतम वेग $v_0=\ell\sqrt{\dfrac{k}{m}}$ प्राप्त करता है।
Step 3: पहला प्रत्यास्थ संघट्ट।
समान द्रव्यमान का प्रत्यास्थ संघट्ट वेगों की अदला-बदली करता है, अतः घन रुक जाता है और गोला $v_0$ से चलने लगता है।
Step 4: गोले की मुक्त यात्रा।
गोला दूरी $d$ तय कर दीवार से टकराकर लौटता है, इसमें समय $t_2=\dfrac{2d}{v_0}=\dfrac{2d}{\ell}\sqrt{\dfrac{m}{k}}$ लगता है।
Step 5: वापसी और कुल आवर्तकाल।
लौटकर गोला फिर घन से टकराता है, वेग वापस घन को मिलता है, घन फिर $\dfrac{\pi}{2}\sqrt{\dfrac{m}{k}}$ में स्प्रिंग संपीड़ित कर आरंभ-स्थिति में आता है। अतः \[ T=\left(\pi+\frac{2d}{\ell}\right)\sqrt{\frac{m}{k}}. \]
Step 6: $\ell$ का प्रभाव।
$\ell$ बढ़ने पर पद $\dfrac{2d}{\ell}$ घटता है, जिससे $T$ घटता है। (स्प्रिंग भाग का समय $\ell$ पर निर्भर नहीं।)
\[ \boxed{\text{यदि $\ell$ बढ़े तो $T$ घटेगा।}} \]