चरण 1: मुहावरे का भाव:
‘दो नावों पर पैर रखना’ में दो अलग-अलग नावों पर सवार होने की बात है। नदी में ऐसा करने वाला संतुलन खोकर गिर जाता है। इसी से इस मुहावरे का भाव बना है।
चरण 2: अर्थ स्पष्ट करें:
इसका अर्थ है: दुविधा में रहकर दो पक्षों का साथ निभाने की कोशिश करना और अंत में कहीं का न रहना।
चरण 3: उदाहरण वाक्य:
1. दुकानदार ने दो दलों से पैसा लेकर दोनों का प्रचार किया, पर दो नावों पर पैर रखने से उसकी साख खत्म हो गई।
2. मनोज नौकरी और व्यापार दोनों में उलझा है, इसलिए दो नावों पर पैर रखकर दोनों में पिछड़ रहा है।
निष्कर्ष:
एक लक्ष्य चुनकर उसी पर डटना चाहिए। यही इस मुहावरे की सीख है।