चरण 1: मुहावरे का भाव:
जब शरीर का हर हिस्सा थकान से शिथिल पड़ जाता है, तब यह मुहावरा बोला जाता है।
चरण 2: अर्थ:
अंग-अंग ढीला होना: अत्यंत थकावट से चूर हो जाना, हाथ-पैर चलाने की भी ताकत न रहना।
चरण 3: वाक्य में प्रयोग:
पचास किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुँचते ही यात्रियों का अंग-अंग ढीला हो गया।
(दूसरा वाक्य) पूरे दिन बोझ ढोने से मजदूर का अंग-अंग ढीला हो चुका था।
अंतिम उत्तर:
अर्थ है बहुत ज्यादा थकना।