चरण 1: लोकोक्ति का दृष्टांत:
गगरी आधी भरी हो तो उसका पानी हिलकर बाहर गिरता है। भरी हुई गगरी शांत रहती है। यही बात मनुष्य पर भी लागू होती है।
चरण 2: अर्थ:
अधजल गगरी छलकत जाय: अधूरी योग्यता वाला व्यक्ति अपनी बड़ाई बहुत करता है, जबकि गुणी व्यक्ति विनम्र और शांत रहता है।
चरण 3: वाक्य में प्रयोग:
नया-नया अधिकारी बना रोहन हर किसी को अपना रौब दिखाता है, उस पर अधजल गगरी छलकत जाय ठीक बैठती है।
(दूसरा वाक्य) जो थोड़ा सा जानते हैं वही ज्यादा बोलते हैं, अधजल गगरी छलकत जाय।
अंतिम उत्तर:
यह लोकोक्ति दिखावा करने वाले अल्पज्ञ पर व्यंग्य है।