चरण 1: भाव:
यह मुहावरा किसी के अचानक और तेजी से वहाँ से हट जाने या भाग खड़े होने को बताता है।
चरण 2: अर्थ:
‘नौ दो ग्यारह होना’ का अर्थ है: खतरा या मुसीबत देखकर वहाँ से खिसक जाना, दिखाई न देना।
चरण 3: उदाहरण वाक्य:
1. शोर सुनते ही जेबकतरा भीड़ में से नौ दो ग्यारह हो गया।
2. काम का समय आया तो मित्र बहाना बनाकर नौ दो ग्यारह हो गए।
निष्कर्ष:
यह मुहावरा जिम्मेदारी या डर से बचकर भाग निकलने के लिए प्रयोग होता है।