चरण 1: लोकोक्ति का आशय:
इसमें एक ऐसे व्यक्ति की बात है जिसे नाचना नहीं आता, पर वह अपनी कमी मानने की जगह आँगन को टेढ़ा बताता है।
चरण 2: अर्थ:
अर्थ है: खुद काम न जानने पर बहाने बनाना और दोष दूसरों या साधनों पर डालना।
चरण 3: उदाहरण वाक्य:
1. मैच हारने पर कप्तान ने मैदान और गेंद को दोष दिया, तो कोच ने कहा कि यह ‘नाच न आवै आँगन टेढ़ा’ है।
2. जिसे रोटी बनानी नहीं आती, वह कहे कि तवा ही खराब है, तो यही लोकोक्ति ठीक बैठती है।
निष्कर्ष:
यह लोकोक्ति अपनी कमी को स्वीकार न करने की आदत पर व्यंग्य करती है।