Comprehension

तिरती है समीर-सागर पर

अस्थिर सुख पर दुख की छाया –

जग के दग्ध हृदय पर

निर्दय विप्लव की प्लावित माया –

यह तेरी रण-तरी

भरी आकांक्षाओं से,

घन, भेरी-गर्जन से सजग सुप्त अंकुर

उर में पृथ्वी के, आशाओं से

नवजीवन की, ऊँचा कर सिर,

ताक रहे हैं, ऐ विप्लव के बादल !

Question: 1

पृथ्वी में सोए हुए अंकुरों पर किसका प्रभाव पड़ता है ?

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पंक्ति ‘घन, भेरी-गर्जन से सजग सुप्त अंकुर’ में देखिए कि अंकुर किससे जागते हैं।
Updated On: Oct 27, 2026
  • बादलों के गरजने का
  • बिजली के कड़कने का
  • पृथ्वी की आशाओं का
  • झरनों के गिरने का
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न का आशय:
प्रश्न पूछता है कि पृथ्वी में सोए हुए अंकुरों को कौन जगाता है। इसका उत्तर काव्यांश की उस पंक्ति में है जिसमें ‘सुप्त अंकुर’ शब्द आया है।

चरण 2: विकल्पों को परखकर चुनना:
विकल्प 1 ‘बादलों के गरजने का’ सही है, क्योंकि पंक्ति में ‘घन, भेरी-गर्जन’ यानी बादल की नगाड़े जैसी गर्जना से अंकुरों के जागने की बात कही गई है। विकल्प 2 में बिजली का कड़कना अंकुरों से नहीं जुड़ा है। विकल्प 3 गलत है, क्योंकि आशाएँ तो अंकुरों के मन में हैं। विकल्प 4 गलत है, क्योंकि झरनों का वर्णन इस अंश में नहीं है।

चरण 3: भाव की पुष्टि:
कवि का भाव है कि क्रांति की गर्जना सुनकर दबे-कुचले, यानी सोए हुए लोग भी नवजीवन की आशा में सिर ऊँचा करके देखने लगते हैं। इसलिए गर्जन ही प्रभाव का कारण है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प 1 है – बादलों के गरजने का।
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Question: 2

प्रस्तुत काव्यांश में कवि बादलों के विप्लवकारी रूप का आह्वान क्यों कर रहा है ?

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‘विप्लव’ और ‘रण-तरी’ जैसे शब्द क्रांति का संकेत देते हैं। कवि बादल को क्रांति का प्रतीक मानकर पुकारता है।
Updated On: Oct 27, 2026
  • वातावरण को ठंडक देने के लिए
  • क्रांति लाने के लिए
  • वर्षा करने के लिए
  • बादलों को देखने के लिए
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: विकल्पों को एक-एक करके जाँचें:
पहले हर विकल्प को काव्यांश की पंक्तियों से मिलाते हैं। जो विकल्प काव्यांश के भाव से मेल न खाए, उसे हटा देते हैं।

चरण 2: विकल्प (1), (3) और (4):
विकल्प (1) कहता है कि बादल वातावरण को ठंडक देने के लिए बुलाए गए हैं। काव्यांश में ठंडक या सुख का कोई वर्णन नहीं है, बल्कि ‘अस्थिर सुख पर दुख की छाया’ है। विकल्प (3) के अनुसार केवल वर्षा चाहिए, पर कवि ‘निर्दय विप्लव’ की बात करता है, साधारण वर्षा की नहीं। विकल्प (4) बादलों को केवल देखने की बात करता है, जो कवि का लक्ष्य नहीं है।

चरण 3: विकल्प (2) की पुष्टि:
काव्यांश की पंक्ति ‘यह तेरी रण-तरी भरी आकांक्षाओं से’ बताती है कि बादल युद्ध की नाव है जिसमें आकांक्षाएँ भरी हैं। ‘घन, भेरी-गर्जन से सजग सुप्त अंकुर’ का अर्थ है कि बादल की गर्जना से सोए हुए लोग जाग रहे हैं। यही क्रांति का स्वर है।

चरण 4: कविता का मूल भाव:
‘बादल राग’ में निराला बादल को शोषकों के विरुद्ध क्रांति का प्रतीक बनाते हैं और किसान-मजदूर के नवजीवन की कामना करते हैं। इसलिए आह्वान का कारण क्रांति ही है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प (2) – क्रांति लाने के लिए।
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Question: 3

‘सुप्त अंकुर’ का प्रयोग किस भावना/प्रक्रिया को प्रकट करता है ?

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‘सुप्त’ यानी सोया हुआ और ‘अंकुर’ यानी नई शुरुआत। अंकुर आशा से सिर उठा रहे हैं, इसलिए यह सोई आशाओं का प्रतीक है।
Updated On: Oct 27, 2026
  • आलस्य और निराशा
  • सोई हुई आशाएँ व संभावनाएँ
  • बीज के समाप्त होने की प्रक्रिया
  • अंकुरित बीज के न बढ़ने की प्रक्रिया
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: भाव के आधार पर जाँच:
इस प्रश्न में यह देखना है कि ‘सुप्त अंकुर’ किस भाव को दिखाता है। इसके लिए काव्यांश में अंकुर के साथ आए शब्दों को देखते हैं – ‘सजग’, ‘आशाओं से’, ‘नवजीवन’ और ‘ऊँचा कर सिर’।

चरण 2: आसपास के शब्द क्या बताते हैं:
‘सजग’ का अर्थ है जागा हुआ, ‘आशाओं’ और ‘नवजीवन’ से उम्मीद का भाव मिलता है। ‘ऊँचा कर सिर’ आत्मविश्वास और उठान को दिखाता है। ये सब शब्द निराशा या अंत का भाव नहीं देते।

चरण 3: विकल्पों को हटाना:
आलस्य और निराशा (विकल्प 1) का भाव आशा से उलटा है, इसलिए गलत है। बीज के समाप्त होने की प्रक्रिया (विकल्प 3) और न बढ़ने की प्रक्रिया (विकल्प 4) भी गलत हैं, क्योंकि अंकुर बढ़ने और जागने की स्थिति में है।

चरण 4: सही विकल्प की पुष्टि:
धरती के भीतर सोया बीज बादल की गर्जना और वर्षा से जागता है। यहाँ यह जन-मन में सोई हुई आशाओं और संभावनाओं का प्रतीक है, जो क्रांति की पुकार से जाग रही हैं।

अंतिम उत्तर:
विकल्प (2) – सोई हुई आशाएँ व संभावनाएँ।
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Question: 4

‘प्लावित माया’ को किस संदर्भ में प्रयुक्त किया गया है ?

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पंक्ति में ‘दग्ध हृदय’ यानी जलता हृदय आया है। इसी जलन के संदर्भ में ‘माया’ को शोषण की आग के रूप में समझें।
Updated On: Oct 27, 2026
  • शोषक वर्ग की धन-संपत्ति के रूप में
  • जल प्रलय के वर्णन के रूप में
  • वर्षा के कारण आप्लावित नदी के रूप में
  • शोषण रूपी अग्नि के रूप में
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: छंटनी की विधि:
पहले उन विकल्पों को देखते हैं जो काव्यांश के प्रतीकात्मक भाव से नहीं जुड़ते। कविता का केंद्रीय भाव शोषक और शोषित का संघर्ष है।

चरण 2: विकल्प (1), (2) और (3):
विकल्प (2) जल-प्रलय का और विकल्प (3) नदी के बहने का साधारण वर्णन है। इनमें शोषण या दुख का संबंध नहीं दिखता। विकल्प (1) धन-संपत्ति की बात करता है, पर पंक्ति में किसी धन का उल्लेख नहीं है।

चरण 3: विकल्प (4) की पुष्टि:
पंक्ति में ‘जग के दग्ध हृदय’ आया है, यानी संसार का जलता हुआ हृदय। यह जलन शोषकों के अन्याय की देन है। कवि ने उसी संदर्भ में ‘माया’ का प्रयोग किया है, जिसे ‘प्लावित’ यानी जल में डूबी हुई दिखाया गया है। अर्थ यह निकलता है कि विप्लव का जल शोषण की आग को बुझाएगा।

चरण 4: भाव का सार:
पंक्ति में दुख-दहन और उसके अंत की आशा दोनों हैं। इसलिए शोषण रूपी अग्नि वाला विकल्प अधिक उचित बैठता है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (4) है।
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Question: 5

‘घन, भेरी-गर्जन’ से कवि ने किसका बोध कराया है ?

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‘भेरी’ युद्ध का नगाड़ा है और कवि ने बादल को क्रांति का प्रतीक बनाया है। इसलिए गर्जना क्रांति की प्रेरणा है।
Updated On: Oct 27, 2026
  • आकाश में बादलों का मधुर संगीत
  • युद्ध व क्रांति के लिए प्रेरित करने वाली गर्जना
  • समुद्र की लहरों का संगीत
  • युद्ध में बजने वाले नगाड़ों की आवाज
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: पहले आशय सोचें:
कविता में कवि बादल को क्रांति का दूत मानता है। इसलिए बादल की गर्जना का भी कोई गहरा अर्थ होगा, केवल आवाज का वर्णन नहीं।

चरण 2: विकल्प (1) और (3):
‘आकाश में बादलों का मधुर संगीत’ और ‘समुद्र की लहरों का संगीत’ में कोमलता और सुंदरता है। परंतु काव्यांश में ‘निर्दय विप्लव’ और ‘रण-तरी’ जैसे कठोर शब्द हैं, इसलिए मधुर संगीत का भाव मेल नहीं खाता।

चरण 3: विकल्प (4) और (2) में अंतर:
विकल्प (4) कहता है कि यह युद्ध में बजने वाले नगाड़ों की आवाज है। ‘भेरी’ शब्द का यह शाब्दिक अर्थ ठीक है, पर कवि ने उपमा देकर क्रांति का भाव दिखाया है। विकल्प (2) इस गहरे भाव को बताता है कि गर्जना युद्ध और क्रांति के लिए प्रेरित करती है।

चरण 4: प्रमाण:
अगली पंक्ति में यही गर्जना सोए अंकुरों को जगाती है। जगाने और प्रेरित करने का भाव विकल्प (2) में ही है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (2) है।
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