Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

“जिम्मेदारी सर पर पड़ेगी तब सब अपने ही आप ठीक हो जाएँगे।” यशोधर बाबू का ऐसा सोचना कहाँ तक सही था ? यदि आपको कोई जिम्मेदारी दी जाए तो आप उसका निर्वहन कैसे करेंगे ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

Show Hint

पहले बताइए कि जिम्मेदारी से परिपक्वता आती है, पर केवल यही पर्याप्त नहीं। फिर अपनी जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण दीजिए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न के दो भाग:
प्रश्न के दो भाग हैं। पहला, यशोधर बाबू की सोच की परख। दूसरा, अपनी जिम्मेदारी निभाने का तरीका उदाहरण सहित बताना।

चरण 2: पहले भाग का विचार:
यशोधर बाबू मानते हैं कि बोझ पड़ते ही बच्चे परिपक्व हो जाएँगे। अनुभव भी बताता है कि जिम्मेदारी लापरवाही कम करती है। फिर भी कहानी दिखाती है कि पीढ़ियों का अंतर केवल जिम्मेदारी से नहीं मिटता। संवाद और समझ भी जरूरी हैं।

चरण 3: प्रतिदर्श उत्तर (लगभग 100 शब्द):
यशोधर बाबू की धारणा में सच्चाई है, पर वह अधूरी है। जिम्मेदारी इंसान को परिपक्व बनाती है, लेकिन बच्चों को सुधारने के लिए उनसे बातचीत और उनके दृष्टिकोण को समझना भी जरूरी है। केवल पुराने आदर्शों के आधार पर उन्हें परखना सही नहीं। यदि मुझे जिम्मेदारी मिले, तो मैं पहले काम की योजना बनाऊँगा, साथियों की सहायता लूँगा और कठिनाई आने पर घबराऊँगा नहीं। जैसे परिवार में कोई उत्सव सँभालते समय मैं सबकी राय लेकर समय और खर्च का हिसाब रखूँगा।

अंतिम उत्तर:
जिम्मेदारी बदलाव लाती है, पर संवाद भी जरूरी है। मैं जिम्मेदारी योजना, सहयोग और ईमानदारी से निभाऊँगा।
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