छोटा मेरा खेत चौकोना
कागज़ का एक पन्ना,
कोई अंधड़ कहीं से आया
क्षण का बीज वहाँ बोया गया।
कल्पना के रसायनों को पी
बीज गल गया नि:शेष;
शब्द के अंकुर फूटे,
पल्लव-पुष्पों से नमित हुआ विशेष।
झूमने लगे फल,
रस अलौकिक,
अमृत धाराएँ फूटतीं
रोपाई क्षण की,
कटाई अनंतता की
लुटते रहने से जरा भी नहीं कम होती।
‘छोटा मेरा खेत’ कविता के मूल भाव के बारे में सही कथन है :
कविता की रचना-प्रक्रिया के संदर्भ में ‘अंधड़’ क्या है ?
कवि अपने छोटे खेत में कौन-से बीज बोता है ?
कवि ने कवि-कर्म की तुलना किससे की है ?
‘कटाई अनंतता की’ का प्रतीकार्थ है :
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :
“बीज गल गया नि:शेष” से कवि का क्या तात्पर्य है ? कवि ने ऐसा क्यों कहा है ? ‘छोटा मेरा खेत’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :
‘बगुलों के पंख’ कविता से उद्धृत ‘उसे कोई तनिक रोक रक्खो’ पंक्ति से क्या आशय है ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :
‘कवि-कर्म शाश्वत है’ – कैसे ? ‘छोटा मेरा खेत’ कविता के आधार पर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :
‘छोटा मेरा खेत’ में वर्णित कविता की रचना प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।