Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘बगुलों के पंख’ कविता से उद्धृत ‘उसे कोई तनिक रोक रक्खो’ पंक्ति से क्या आशय है ?

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कवि बगुलों की पाँत की ‘सतेज श्वेत काया’ के सौंदर्य-सम्मोहन में बँधा है और उसे रोकने की प्रार्थना करता है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कविता की पंक्तियाँ :
कविता में कवि कहता है : ‘कजरारे बादलों की छाई नभ छाया, तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया। हौले हौले जाती मुझे बाँध निज माया से। उसे कोई तनिक रोक रक्खो।’ इसके बाद वह फिर कहता है कि नभ में पाँती-बँधी बगुलों की पाँखें उसकी आँखें चुराए लिए जा रही हैं।

चरण 2: ‘उसे’ किसके लिए :
यहाँ ‘उसे’ उस सतेज श्वेत काया के लिए है, यानी काले बादलों के नीचे उड़ती बगुलों की सफ़ेद पाँत, जो कवि को अपनी माया से बाँध रही है। कवि दूसरों से कहता है कि इस दृश्य को कुछ क्षण रोक दें।

चरण 3: मॉडल उत्तर :
इस पंक्ति से पता चलता है कि प्रकृति का सौंदर्य कवि पर जादू जैसा असर डाल रहा है। वह उसमें बहता जा रहा है और अपनी विवशता प्रकट करते हुए पुकारता है कि कोई इस खिंचाव को थोड़ा रोके। इसमें कवि का गहरा सौंदर्य-बोध और भावुक मन झलकता है।

अंतिम उत्तर:
बगुलों की पाँत का सौंदर्य कवि को बाँधे ले जा रहा है, इसलिए वह उसे तनिक रोक रखने को कहता है।
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