Question:medium

पंत ने प्रकृतिपरक कविताएँ लिखी हैं । (कर्मवाच्य में बदलिए)

Updated On: Jan 13, 2026
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Solution and Explanation

कर्मवाच्य में कर्ता गौण हो जाता है, और कर्म प्रमुख बन जाता है।

कर्मवाच्य में, कर्ता का महत्व कम हो जाता है, और कर्म ही मुख्य होता है। क्रिया अब कर्म के लिंग, वचन और काल के अनुसार बदलती है।

उदाहरण के लिए, वाक्य में 'पंत' कर्ता हैं और 'प्रकृतिपरक कविताएँ' कर्म हैं। कर्मवाच्य में, इसे 'पंत द्वारा' के रूप में रूपांतरित किया जाता है।

इस परिवर्तन में, क्रिया 'लिखी गईं हैं' कर्म 'प्रकृतिपरक कविताएँ' के अनुरूप स्त्रीलिंग बहुवचन में बदल जाती है। इससे कर्म की प्रधानता स्पष्ट होती है और वाक्य का अर्थ सही रहता है।
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