विश्लेषण: ‘नवरत्न’ शब्द दो पदों से मिलकर बना है — ‘नव’ तथा ‘रत्न’।
यहाँ ‘नव’ का अर्थ ‘नौ’ (संख्या) है और ‘रत्न’ का अर्थ ‘मूल्यवान रत्न’ है।
अर्थात् ‘नवरत्न’ का शाब्दिक अर्थ हुआ — ‘नौ रत्न’।
समास के प्रकारों में जब पहला पद संख्या-सूचक (जैसे — एक, द्वि, त्रि, नव आदि) हो और पूरा समास उस संख्या के समूह का बोध कराए, तब वहाँ द्विगु समास होता है।
द्विगु समास में प्रायः समस्त पद बहुवचन का अर्थ देता है, यद्यपि रूप एकवचन में होता है।
जैसे — त्रिलोक (तीन लोक), पंचवटी (पाँच वृक्षों का समूह) आदि।
इसी प्रकार ‘नवरत्न’ में ‘नव’ संख्या-सूचक शब्द है और पूरा पद ‘नौ रत्नों’ के समूह का बोध कराता है।
अतः यह द्विगु समास की परिभाषा में पूर्णतः उपयुक्त बैठता है।
निष्कर्ष: ‘नवरत्न’ में द्विगु समास है।