Step 1: प्रश्न को समझना।
हमें वह अणु चुनना है जिसके उच्चतम अधिग्रहित आणविक कक्षक (HOMO) से इलेक्ट्रॉन निकालने पर आबंध कोटि (bond order) बढ़ जाती है।
Step 2: सूत्र।
\[ \text{आबंध कोटि} = \frac{N_b - N_a}{2} \] यदि इलेक्ट्रॉन प्रति-आबंधन कक्षक (ABMO) से निकले तो $N_a$ घटता है और आबंध कोटि बढ़ती है।
Step 3: $F_2$ का HOMO।
$F_2$ में HOMO एक प्रति-आबंधन $\pi^*_{2p}$ कक्षक है।
Step 4: $F_2^+$ की आबंध कोटि।
इलेक्ट्रॉन निकलने पर $N_a$ घटकर आबंध कोटि \[ \text{B.O.} = \frac{10 - 7}{2} = 1.5 \] जो मूल मान 1.0 से अधिक है।
Step 5: अन्य अणुओं की जाँच।
$N_2$, $C_2$, $B_2$ में HOMO आबंधन कक्षक (BMO) होते हैं, अतः इलेक्ट्रॉन निकलने पर आबंध कोटि घटती है।
Step 6: निष्कर्ष।
केवल $F_2$ की आबंध कोटि बढ़ती है।
\[ \boxed{\text{F2}} \]