Step 1: pKb और क्षारकता का संबंध।
$pK_b$ जितना छोटा, ऐमीन उतना अधिक क्षारीय। इसलिए हमें पहले घटती क्षारकता का क्रम निकालकर $pK_b$ का बढ़ता क्रम पलट देना है।
Step 2: बेंज़िलएमीन (P)।
P में नाइट्रोजन का एकाकी युग्म $-CH_2-$ के कारण वलय से अनुनाद नहीं करता, इसलिए यह असली एलिफैटिक ऐमीन जैसा सबसे प्रबल क्षार है।
Step 3: एनिलीन (S)।
S में नाइट्रोजन का एकाकी युग्म सीधे बेंजीन वलय में अनुनादित होकर फँस जाता है, इसलिए दान के लिए कम उपलब्ध रहता है और S सबसे कमजोर क्षार है।
Step 4: N-मेथिल एवं N,N-डाइमेथिलएनिलीन (Q, R)।
मेथिल समूहों का $+I$ प्रभाव नाइट्रोजन पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाता है, इसलिए ये एनिलीन से अधिक क्षारीय हैं; दो मेथिल वाले R, एक मेथिल वाले Q से अधिक क्षारीय है।
Step 5: क्षारकता क्रम।
घटती क्षारकता: $P > R > Q > S$.
Step 6: pKb क्रम।
क्षारकता पलटने पर $pK_b$ का बढ़ता क्रम $P < R < Q < S$ बनता है, जो विकल्प (A) में दिया है।
\[ \boxed{\text{P < R < Q < S}} \]