Question:medium

नीचे दर्शायी गयी अभिक्रिया के संदर्भ में कौन सा एक कथन गलत है?

Show Hint

\(S_N1\) अभिक्रियाओं को ध्रुवीय प्रोटिक विलायक (जैसे पानी) हमेशा बढ़ावा देते हैं क्योंकि वे मध्यवर्ती कार्बधनायन को हाइड्रेशन द्वारा स्थायित्व प्रदान करते हैं।
Updated On: Jun 11, 2026
  • विलायक एथिल ऐल्कोहॉल को एथिल ऐल्कोहॉल एवं जल के 1 : 1 मिश्रण से बदलने पर अभिक्रिया का वेग कम हो जाता है।
  • हाइड्रॉक्साइड आयन की सांद्रता को बढ़ाने से अभिक्रिया के वेग में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
  • तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड का वियोजन ही वेग निर्धारक चरण है।
  • अभिक्रिया का वेग तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड की सांद्रता के समानुपाती है।
Show Solution

The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: अभिक्रिया की पहचान।
तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड एक तृतीयक हैलाइड (tertiary halide) है, इसलिए इसकी नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया एकाणुक मार्ग यानी $S_N1$ से चलती है। आइए हर कथन को इसी कसौटी पर परखें।
Step 2: वेग समीकरण लिखना।
$S_N1$ में वेग केवल सबस्ट्रेट पर निर्भर करता है, \[ \text{वेग} = k\,[t\text{-BuBr}] \] अतः वेग सबस्ट्रेट की सांद्रता के समानुपाती है, जिससे विकल्प (D) सही ठहरता है।
Step 3: नाभिकस्नेही की भूमिका।
$OH^-$ धीमे (वेग निर्धारक) चरण के बाद आता है, इसलिए उसकी सांद्रता बढ़ाने पर वेग नहीं बदलता, जिससे विकल्प (B) भी सही है।
Step 4: वेग निर्धारक चरण।
सबसे धीमा चरण है $C-Br$ बंध का टूटकर कार्बधनायन (carbocation) बनना, यही वेग निर्धारक है, इसलिए विकल्प (C) भी सही है।
Step 5: विलायक का प्रभाव।
कार्बधनायन एक आवेशित मध्यवर्ती है, इसलिए अधिक ध्रुवीय प्रोटिक विलायक उसे और स्थायी कर देता है। एथिल ऐल्कोहॉल में जल मिलाने से माध्यम की ध्रुवीयता बढ़ती है।
Step 6: निष्कर्ष।
ध्रुवीयता बढ़ने से $S_N1$ का वेग बढ़ना चाहिए, घटना नहीं। इसलिए कथन (A) जो कहता है कि वेग कम हो जाता है, गलत है, और यही प्रश्न का उत्तर है।
\[ \boxed{\text{विलायक एथिल ऐल्कोहॉल को एथिल ऐल्कोहॉल एवं जल के 1 : 1 मिश्रण से बदलने पर अभिक्रिया का वेग कम हो जाता है।}} \]
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