Question:medium

‘कविता-लेखन’ के संबंध में कौन-से दो मत मिलते हैं ? आप स्वयं को किस मत का समर्थक मानते हैं और क्यों ?

Show Hint

उत्तर में किसी कवि का उदाहरण देने से उत्तर में प्रामाणिकता और गहराई बढ़ती है।
Updated On: Jan 14, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

साहित्य में कविता लेखन के दो मुख्य दृष्टिकोण हैं:
1. सहज प्रेरणा का दृष्टिकोण: यह दृष्टिकोण मानता है कि कविता गहरी भावनाओं या तात्कालिक अनुभवों से उत्पन्न होने वाली एक स्वाभाविक अभिव्यक्ति है।
2. शिल्प और अभ्यास का दृष्टिकोण: यह दृष्टिकोण कविता को एक कला मानता है जिसे अनुशासन, अभ्यास और तकनीकी दक्षता से विकसित किया जा सकता है। इसमें भाषा, छंद, प्रतीक और अलंकरण का अभ्यास शामिल है।
मैं व्यक्तिगत रूप से दूसरे दृष्टिकोण — अभ्यास-आधारित कविता लेखन — का समर्थन करता हूँ, क्योंकि केवल भावनाएँ पर्याप्त नहीं हैं; उनकी सटीक और प्रभावी अभिव्यक्ति भी आवश्यक है। यह अभिव्यक्ति भाषा की गहराई, लय और संरचना के माध्यम से हासिल की जा सकती है।
उदाहरण के लिए, महादेवी वर्मा की कविताओं में भावुकता के साथ-साथ परिष्कृत भाषा और छंदबद्धता का संयोजन है — यह अभ्यास और साधना का परिणाम है।
अतः, कविता को केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि परिश्रम और शिल्प का संयोजन मानना अधिक उचित है।
Was this answer helpful?
0