“इसे ‘सैक्स’, ‘सार्त्र’ भी नहीं बयान कर सकते” — ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ में यह कथन किस संदर्भ में कहा गया? इसका क्या आशय है? इस संदर्भ में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
चित्रकला, संगीतकला या नृत्यकला की तरह कविता लेखन की कला सिखाई क्यों नहीं जा सकती? स्पष्ट कीजिए।
‘देवसेना का गीत’ कविता के आधार पर लिखिए कि देवसेना के जीवन की विडंबना किसे कहा गया है और क्यों?
‘तोड़ो’ कविता का कवि सृजन का आकांक्षी है, विध्वंस का नहीं। सिद्ध कीजिए।
‘जो है वह सुलगाता है। जो नहीं है वह फेंकने लगता है पचाखियाँ’ — पंक्ति के सन्दर्भ में ‘सुलगाने’ और ‘पचाखियाँ फेंकने’ का आशय स्पष्ट कीजिए।