चरण 1: प्रश्न का उत्तर पंक्ति में:
‘निन्दा कुछ लोगों की पूँजी होती है’, यह वाक्य गद्यांश की शुरुआत में ही है। इसी से उत्तर मिल जाता है।
चरण 2: भाव:
जैसे व्यापारी अपनी पूँजी से कारोबार फैलाता है, वैसे ही ये लोग निन्दा से अपना कारोबार बढ़ाते हैं। निन्दा करना ही उनकी कमाई और पहचान बन जाती है।
अंतिम उत्तर:
निन्दा कुछ लोगों, यानी निन्दा करने वाले व्यक्तियों की पूँजी होती है।