चरण 1: गद्यांश से बातें चुनें:
लेखक जहाँ ‘मेरा’, ‘मुझे’, ‘मैं’ कहते हैं, वहीं उन्होंने अपने बारे में बताया है।
चरण 2: उत्तर:
लेखक कहते हैं कि पुष्पित अशोक देखकर उनका मन उदास होता है, पर वे उन लोगों जैसे नहीं हैं जो सुन्दर चीजों के दुर्भाग्य में रस लेते हैं। ऐसे लोग दूरदर्शी होते हैं और हर वस्तु के अन्तिम समय तक का हिसाब लगा लेते हैं। लेखक की दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी उनका मन उदास है। इसका सच्चा कारण भगवान जानते होंगे, लेखक को केवल कुछ अनुमान है।
निष्कर्ष:
लेखक स्वयं को विनम्र, संवेदनशील और सीमित दृष्टि वाला सामान्य मनुष्य बताते हैं।