Question:easy

गद्यांश: निन्दा कुछ लोगों की पूँजी होती है। बड़ा लम्बा-चौड़ा व्यापार फैलाते हैं वे इस पूँजी से। कई लोगों की रिसपेक्टेबिलिटी (प्रतिष्ठा) ही दूसरों की कलंक-कथाओं के पारायण पर आधारित होती है। बड़े रस-विभोर होकर वे जिस-तिस की सत्य-कल्पित कलंक-कथा सुनाते हैं और स्वयं को पूर्ण संत समझने-समझाने की तुष्टि का अनुभव करते हैं।
(i) उपर्युक्त गद्यांश के लेखक एवं पाठ का नाम लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

चरण 1: गद्यांश की पहचान:
गद्यांश में निन्दा को कुछ लोगों की पूँजी और व्यापार बताया गया है। यह तीखा व्यंग्य है, जो परसाई जी की पहचान है।

चरण 2: स्रोत:
यह अंश हरिशंकर परसाई के व्यंग्य-निबन्ध ‘निन्दा रस’ का है। यह पाठ उनके संग्रह ‘तिरछी रेखाएँ’ में मिलता है और कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक में पढ़ाया जाता है।

अंतिम उत्तर:
पाठ ‘निन्दा रस’ है और इसके लेखक हरिशंकर परसाई हैं।
Was this answer helpful?
0

Top Questions on गद्य खंड