Step 1: प्रश्न को समझना।
तीन अनंत आवेशित चादरें ($\sigma,\ \sigma,\ 2\sigma$) समानांतर, दूरी $d$ पर हैं। मध्य चादर पर केंद्रित $d/2$ त्रिज्या का गाउसीय गोला है। बाएँ अर्धगोले का फ्लक्स $\Phi_L$ और दाएँ का $\Phi_R$ तुलना करनी है।
Step 2: एक चादर का क्षेत्र।
अनंत चादर का क्षेत्र $E=\dfrac{\sigma}{2\varepsilon_0}$, चादर से दूर की ओर निर्देशित। चादरें $x=-d,\ 0,\ d$ पर हैं; गोला $-d/2$ से $d/2$ तक फैला है।
Step 3: बाएँ क्षेत्र में $E$।
$-d/2<x<0$ में: बाईं चादर $+x$ में $\dfrac{\sigma}{2\varepsilon_0}$, मध्य चादर $-x$ में $\dfrac{\sigma}{2\varepsilon_0}$, दाईं चादर $-x$ में $\dfrac{2\sigma}{2\varepsilon_0}$। योग $\vec{E}_L=-\dfrac{\sigma}{\varepsilon_0}\hat{i}$।
Step 4: दाएँ क्षेत्र में $E$।
$0<x<d/2$ में: बाईं $+x$ में $\dfrac{\sigma}{2\varepsilon_0}$, मध्य $+x$ में $\dfrac{\sigma}{2\varepsilon_0}$, दाईं $-x$ में $\dfrac{2\sigma}{2\varepsilon_0}$। योग $\vec{E}_R=0$।
Step 5: फ्लक्स।
$\vec{E}_R=0$ होने से दाएँ अर्धगोले का फ्लक्स $\Phi_R=0$; बाएँ ओर शून्येतर बाहर-मुखी क्षेत्र होने से $\Phi_L>0$।
Step 6: निष्कर्ष।
अतः $\Phi_L>\Phi_R$। (कुल नेट फ्लक्स गोले के अंदर आवेश-रहित होने पर शून्य है, पर बाएँ-दाएँ बँटवारा समान नहीं।)
\[ \boxed{\text{$\Phi_L > \Phi_R$}} \]