Step 1: प्रश्न को समझना।
एक ग्रह तारे के चारों ओर आवर्तकाल $T$ से परिक्रमा कर रहा है। कक्षीय दूरी आधी की जाती है और तारे की त्रिज्या भी आधी (घनत्व स्थिर) की जाती है। नया आवर्तकाल चाहिए।
Step 2: केप्लर सूत्र।
वृत्ताकार कक्षा का आवर्तकाल $T=2\pi\sqrt{\dfrac{R^3}{GM}}$, जहाँ $M$ तारे का द्रव्यमान।
Step 3: द्रव्यमान पर त्रिज्या का असर।
$M=\dfrac{4}{3}\pi r_s^3\rho$; घनत्व स्थिर रखते हुए त्रिज्या आधी होने पर $M'=\dfrac{M}{8}$।
Step 4: कक्षीय दूरी।
कक्षीय दूरी आधी: $R'=\dfrac{R}{2}$, अतः $(R')^3=\dfrac{R^3}{8}$।
Step 5: नए आवर्तकाल की गणना। \[ T'=2\pi\sqrt{\frac{R^3/8}{G(M/8)}}=2\pi\sqrt{\frac{R^3}{GM}}. \]
Step 6: निष्कर्ष।
$\dfrac{1}{8}$ ऊपर और नीचे कट जाते हैं, इसलिए $T'=T$ अपरिवर्तित रहता है।
\[ \boxed{\text{$T$}} \]