Question:medium

C=S & C=Te में परस्पर तथा Cl—Cl & F—F में परस्पर आबंध ऊर्जा का सही क्रम क्या होगा?

Show Hint

फ्लोरीन (F—F) की कम आबंध ऊर्जा रासायनिक विज्ञान का एक बहुत ही प्रसिद्ध अपवाद है।
हमेशा याद रखें कि अत्यधिक एकाकी युग्म प्रतिकर्षण के कारण F—F की आबंध ऊर्जा Cl—Cl और यहाँ तक कि Br—Br से भी कम होती है।
Updated On: Jun 11, 2026
  • C=S $>$ C=Te तथा Cl—Cl $>$ F—F
  • C=Te $>$ C=S तथा Cl—Cl $>$ F—F
  • C=Te $>$ C=S तथा F—F $>$ Cl—Cl
  • C=S $>$ C=Te तथा F—F $>$ Cl—Cl
Show Solution

The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: प्रश्न को समझना।
हमें C=S व C=Te तथा Cl—Cl व F—F में आबंध ऊर्जा (bond energy) का सही क्रम बताना है।
Step 2: मूल कारक।
आबंध ऊर्जा परमाणु आकार, कक्षक अतिव्यापन (overlap) तथा एकाकी युग्म प्रतिकर्षण पर निर्भर करती है।
Step 3: C=S बनाम C=Te।
सल्फर (तीसरा आवर्त) टेल्यूरियम (पाँचवाँ आवर्त) से छोटा है, अतः C और S के बीच अतिव्यापन अधिक मजबूत होता है।
Step 4: प्रथम क्रम।
इसलिए C=S की आबंध ऊर्जा अधिक है, अर्थात C=S $>$ C=Te।
Step 5: Cl—Cl बनाम F—F।
फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होने से दोनों परमाणुओं के एकाकी युग्मों में तीव्र प्रतिकर्षण होता है जो F—F आबंध को कमजोर कर देता है।
Step 6: निष्कर्ष।
अतः Cl—Cl $>$ F—F; इस प्रकार सही क्रम C=S $>$ C=Te तथा Cl—Cl $>$ F—F है।
\[ \boxed{\text{C=S > C=Te तथा Cl—Cl > F—F}} \]
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