Step 1: प्रश्न को समझना।
हमें C=S व C=Te तथा Cl—Cl व F—F में आबंध ऊर्जा (bond energy) का सही क्रम बताना है।
Step 2: मूल कारक।
आबंध ऊर्जा परमाणु आकार, कक्षक अतिव्यापन (overlap) तथा एकाकी युग्म प्रतिकर्षण पर निर्भर करती है।
Step 3: C=S बनाम C=Te।
सल्फर (तीसरा आवर्त) टेल्यूरियम (पाँचवाँ आवर्त) से छोटा है, अतः C और S के बीच अतिव्यापन अधिक मजबूत होता है।
Step 4: प्रथम क्रम।
इसलिए C=S की आबंध ऊर्जा अधिक है, अर्थात C=S $>$ C=Te।
Step 5: Cl—Cl बनाम F—F।
फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होने से दोनों परमाणुओं के एकाकी युग्मों में तीव्र प्रतिकर्षण होता है जो F—F आबंध को कमजोर कर देता है।
Step 6: निष्कर्ष।
अतः Cl—Cl $>$ F—F; इस प्रकार सही क्रम C=S $>$ C=Te तथा Cl—Cl $>$ F—F है।
\[ \boxed{\text{C=S > C=Te तथा Cl—Cl > F—F}} \]