Question:medium

काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :

‘छोटा मेरा खेत’ कविता के आधार पर लिखिए कि काव्य-रचना की प्रक्रिया किन चरणों से होकर एक कृति के रूप में पूर्ण होती है।

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कागज़ के पन्ने को खेत मानकर बीज बोने से फसल पकने तक के क्रम को कविता पर लागू कीजिए।
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Solution and Explanation

चरण 1: खेती और कविता की समानता:
उमाशंकर जोशी कहते हैं कि जैसे किसान खेत में बीज बोकर फसल उगाता है, वैसे ही कवि कागज़ पर कविता उगाता है।
यह प्रक्रिया धीरे-धीरे कई चरणों में पूरी होती है।

चरण 2: क्रम से चरण:
पहला चरण: किसी क्षण भावनात्मक आँधी आती है और उसमें विचार का बीज कागज़ रूपी खेत में पड़ता है।
दूसरा चरण: कल्पना के रसायनों से बीज गलकर निःशेष हो जाता है, अर्थात कवि अपने को भूल जाता है।
तीसरा चरण: शब्द रूपी अंकुर निकलते हैं और कविता पत्तों-फूलों से लद जाती है।
चौथा चरण: रचना विशेष रूप में फलती है और पूर्ण कृति बन जाती है।

चरण 3: कृति का स्थायी प्रभाव:
खेत की फसल समाप्त हो जाती है, पर कविता का रस अक्षय होता है।
पाठक युगों तक उसका आनंद लेते हैं।

अंतिम उत्तर:
काव्य-रचना भाव-अंधड़ में बीज बोने, कल्पना से उसके गलने, शब्दांकुर फूटने और फलकर पूर्ण कृति बनने के चरणों से होकर पूरी होती है, जिसका रस अक्षय रहता है।
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