Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

‘छोटा मेरा खेत’ कविता में ‘रस का अक्षयपात्र’ कथन के द्वारा कवि ने रचनाकर्म की किन विशेषताओं की ओर संकेत किया है ?

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अक्षयपात्र कभी खाली नहीं होता, इसी तरह रचना का रस बाँटने पर भी कम नहीं होता और सदा आनंद देता है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: शब्द से अर्थ तक:
‘अक्षय’ का अर्थ है जो कभी क्षय या समाप्त न हो, और ‘पात्र’ का अर्थ बर्तन है। इस तरह ‘रस का अक्षयपात्र’ वह बर्तन है जिसका रस कभी नहीं चुकता।

चरण 2: रूपक को जोड़ना:
उमाशंकर जोशी ने कविता लिखने की क्रिया को खेती से जोड़ा है। खेत से अन्न मिलता है, तो कवि के भावों के खेत से रस मिलता है। यह रस सबके लिए है और सबके काम आता है।

चरण 3: क्या संकेत मिलता है:
इस कथन से रचनाकर्म की कई विशेषताएँ सामने आती हैं – रचना का आनंद अनंत होता है, वह समय की सीमा में बँधी नहीं होती, और सब पाठकों को बराबर तृप्त करती है। साथ ही बाँटने से उसका रस घटता नहीं है।

चरण 4: लगभग 60 शब्दों में आदर्श उत्तर:
कवि के अनुसार रचना एक ऐसा पात्र है जिसका रस कभी नहीं चुकता। चाहे कितने ही पाठक उसे पढ़ें, उसकी मिठास बनी रहती है। इस कथन से संकेत मिलता है कि रचनाकर्म स्थायी, कालजयी और व्यापक होता है तथा हर पीढ़ी को आनंद देता है।

अंतिम उत्तर:
‘अक्षयपात्र’ शब्द से कवि ने रचना को कभी समाप्त न होने वाले, सबको तृप्त करने वाले रस का स्रोत बताया है।
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