Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘बात सीधी थी पर’ कविता के संदर्भ में लिखिए कि बात शरारती बच्चे की तरह किस प्रकार लेखक से खेल रही थी ?

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कवि भाषा को तोड़ता-मरोड़ता रहा पर बात पकड़ में नहीं आई; अंत में पसीना पोंछते कवि से बात ने भाषा को सहूलियत से बरतने का प्रश्न पूछा।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कविता का मूल विचार:
‘बात सीधी थी पर’ में कुँवर नारायण बताते हैं कि कथ्य (बात) और भाषा में सहज मेल होना चाहिए। बनावटी और जटिल भाषा से बात का असर घटता है। यह प्रश्न तीन में से किन्हीं दो में आने वाला है।

चरण 2: बच्चे की उपमा क्यों:
शरारती बच्चे को ज़बरदस्ती पकड़ने की कोशिश करो तो वह और दूर भागता है और पकड़ने वाले की परेशानी पर मज़ा लेता है। NCERT के अभ्यास में भी ‘बात का शरारती बच्चे की तरह खेलना’ का अर्थ ‘बात का पकड़ में न आना’ बताया गया है।

चरण 3: कविता की घटना से जोड़ना:
कवि ने बात को पाने के लिए भाषा को घुमाया-फिराया और पेंच को बेतरह कसता गया। परिणाम यह हुआ कि बात की चूड़ी मर गई और वह भाषा में बेकार घूमने लगी। कवि थककर पसीना पोंछने लगा, तब बात ने उससे पूछा कि क्या उसने भाषा को सहूलियत से बरतना कभी नहीं सीखा। यही बात का कवि से खेलना है।

चरण 4: लगभग 40 शब्दों में आदर्श उत्तर:
कवि भाषा में पेंच कसता रहा, पर बात सधने के बजाय और उलझती गई। जैसे शरारती बच्चा पकड़ में नहीं आता और पकड़ने वाले को छकाता है, वैसे ही बात कवि के हाथ नहीं आई। अंत में उसने थके हुए कवि से भाषा को सहूलियत से बरतने का प्रश्न पूछकर उसे चिढ़ाया।

अंतिम उत्तर:
भाषा को ज़बरदस्ती घुमाने से बात पकड़ में नहीं आई और शरारती बच्चे की तरह कवि को छकाती रही।
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