Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

“कविता एक खेल है बच्चों के बहाने” – कवि ने ऐसा क्यों कहा है ? ‘कविता के बहाने’ कविता के आधार पर लिखिए।

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बच्चे खेलते समय घर-बाहर का भेद नहीं मानते, कविता भी सीमाएँ तोड़कर सबको जोड़ती है। इसी समानता से कवि ने कविता को खेल कहा।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: दो तुलनाएँ ढूँढें:
इस प्रश्न के उत्तर में बच्चों के खेल और कविता की तुलना करनी है। कुँवर नारायण की कविता में दोनों के बीच समान गुण दिखाए गए हैं – असीमता, कल्पना और सबको जोड़ना।

चरण 2: कविता से प्रमाण:
कवि लिखते हैं कि कविता खेल है ‘बच्चों के बहाने’ और उसमें ‘बाहर भीतर, इस घर, उस घर’ सब एक हो जाता है। बच्चे ऐसे खेल में कभी नहीं थकते, न किसी की रोक मानते हैं। उसी प्रकार कविता में शब्दों की उड़ान को कोई देश-काल बाँध नहीं पाता।

चरण 3: दूसरा आदर्श उत्तर (लगभग 60 शब्द):
कवि के अनुसार बच्चों के खेल और कविता, दोनों में कल्पना का विस्तार है। बच्चे खेलते हुए इस घर से उस घर पहुँच जाते हैं और किसी सीमा को नहीं मानते। कविता भी शब्दों के सहारे देश और समय की दीवारें लाँघकर हर मन तक जाती है। इसलिए कवि ने उसे बच्चों का खेल कहा है।

अंतिम उत्तर:
कविता बच्चों के खेल की तरह स्वतंत्र, कल्पनाशील और सबको जोड़ने वाली है, इसलिए उसे खेल कहा गया है।
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