Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए :

‘सिंधु घाटी सभ्यता मूलत: खेतिहर और पशुपालन सभ्यता थी।’ उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए।

Show Hint

पाठ में बताई गई फ़सलों, खेती के उपकरणों, अनाज के कोठार, सूती कपड़े और बैलगाड़ियों के साक्ष्य याद कीजिए।
Updated On: Oct 31, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कथन का अर्थ:
खेतिहर सभ्यता वह है जिसका जीवन खेती पर निर्भर हो और पशुपालक सभ्यता वह है जिसमें पशु आजीविका और काम-काज का आधार हों।
ओम थानवी ने ‘अतीत में दबे पाँव’ में स्वयं लिखा है कि अब कुछ विद्वान इसे मूलतः खेतिहर और पशुपालक सभ्यता ही मानते हैं।

चरण 2: पुरानी धारणा का खंडन:
पहले कहा जाता था कि सिंधु घाटी के लोग अनाज बाहर से मँगाते थे। खुदाई के सबूतों ने इस धारणा को निर्मूल कर दिया।
पुरातत्वविदों के अनुसार यहाँ अच्छी खेती होती थी और इतिहासकार इरफ़ान हबीब के अनुसार लोग रबी की फ़सल लेते थे।

चरण 3: अवशेषों से प्रमाण:
कपास, गेहूँ, जौ, सरसों और चने के पक्के सबूत मिले हैं। ज्वार, बाजरा, रागी, खजूर, खरबूजे और अंगूर की उपज भी मानी जाती है। लोग झाड़ियों से बेर भी जमा करते थे।
खेती में पत्थर और ताँबे के उपकरण काम आते थे। विशाल कोठार अनाज-भंडारण का प्रमाण है और सूती कपड़ा कपास की खेती से जुड़े उद्योग को दिखाता है।
बैलगाड़ियों के प्रयोग के साक्ष्य मिले हैं, जो बताते हैं कि बैल पाले जाते थे और ढुलाई के काम आते थे। मुहरों और बर्तनों पर बने पशु भी पशुओं से उनके जुड़ाव को दिखाते हैं।

अंतिम उत्तर:
फ़सलों के सबूत, खेती के उपकरण, अन्न का कोठार, सूती कपड़ा और बैलगाड़ियों के साक्ष्य यह प्रमाणित करते हैं कि सिंधु घाटी सभ्यता मूलतः खेती और पशुपालन पर आधारित थी।
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