Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

मुअनजोदड़ो सिंधु सभ्यता का सबसे बड़ा शहर ही नहीं था उसे साधनों और व्यवस्थाओं से भी समृद्ध माना गया है फिर भी इसकी संपन्नता की बात कम क्यों हुई है ? इस सभ्यता की प्रसिद्धि के लिए आपकी दृष्टि में क्या उपाय किये जा सकते हैं ?

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पाठ के तीन कारण लिखिए: भव्यता का आडंबर नहीं, पिछली सदी में ही खोज, अनबूझ लिपि। फिर शोध, संरक्षण और प्रचार जैसे उपाय सुझाइए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न के दो भाग:
पहला भाग पूछता है कि इतनी समृद्ध सभ्यता की संपन्नता की बात कम क्यों हुई। दूसरा भाग हमारी राय माँगता है कि इसे प्रसिद्ध करने के लिए क्या किया जाए। पहले भाग का उत्तर ओम थानवी के पाठ ‘अतीत में दबे पाँव’ से देना है।

चरण 2: दूसरी सभ्यताओं से तुलना:
लेखक बताता है कि दूसरी जगहों पर राजतंत्र या धर्मतंत्र की ताकत दिखाने वाले महल, उपासना-स्थल, मूर्तियाँ और पिरामिड मिलते हैं। सिंधु सभ्यता में प्रभुत्व या दिखावे के तेवर नहीं हैं। उसका सौंदर्य-बोध राज-पोषित या धर्म-पोषित न होकर समाज-पोषित था। इसलिए आकार की भव्यता की जगह उसमें कला की भव्यता दिखती है और लोगों का ध्यान उसकी संपन्नता पर कम गया।

चरण 3: दो और कारण:
लेखक के अनुसार मुअनजोदड़ो और हड़प्पा पिछली सदी में ही उद्घाटित हुए। साथ ही उनकी लिपि अनबूझ है, जो अब भी सारे रहस्य अपने में छिपाए हुए है। जानकारी अधूरी होने से भी चर्चा कम हुई।

चरण 4: प्रतिदर्श उत्तर (लगभग 100 शब्द):
सिंधु सभ्यता साधन-संपन्न थी, पर उसमें शासकों की शक्ति दिखाने वाले भव्य महल, मंदिर या समाधियाँ नहीं थीं। इसकी सुंदरता समाज-पोषित थी, आडंबर वाली नहीं। यह सभ्यता देर से, पिछली सदी में खोजी गई और इसकी लिपि अब तक पढ़ी नहीं जा सकी। इन्हीं कारणों से इसकी संपन्नता की चर्चा कम हुई। इसे प्रसिद्ध करने के लिए लिपि पढ़ने के प्रयास तेज़ किए जाएँ, अवशेषों को सुरक्षित रखा जाए, विद्यार्थियों को शैक्षिक यात्राएँ कराई जाएँ और फ़िल्मों, प्रदर्शनियों व इंटरनेट से इसका प्रचार हो।

अंतिम उत्तर:
दिखावे का अभाव, हाल की खोज और अनपढ़ी लिपि के कारण चर्चा कम हुई; लिपि-शोध, संरक्षण, शिक्षा और प्रचार इसके उपाय हैं।
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