Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

‘कला की दृष्टि से हड़प्पा सभ्यता समृद्ध थी।’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

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वास्तुकला, मुहरें, मूर्तियाँ, बर्तन, गहने और खिलौनों के उदाहरण दीजिए तथा लेखक के समाज-पोषित सौंदर्य-बोध की बात लिखिए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कथन का आशय:
कथन कहता है कि हड़प्पा सभ्यता में कला का स्तर ऊँचा था। इसे सिद्ध करने के लिए हमें पाठ में वर्णित वस्तुओं और उनके पीछे के दृष्टिकोण को देखना होगा।

चरण 2: वस्तुओं से दृष्टिकोण तक:
पहले उन वस्तुओं को देखिए जो खुदाई में मिलीं: सुंदर बर्तन, मूर्तियाँ, मुहरों पर उकेरे गए चित्र, खिलौने, आभूषण और अलंकृत घरेलू सामान।
फिर इन वस्तुओं के पीछे की सोच देखिए। यहाँ कला केवल शासकों या धर्म के लिए नहीं थी, बल्कि सामान्य लोगों के दैनिक जीवन के उपयोग की वस्तुओं में भी दिखाई देती है।

चरण 3: तुलना से पुष्टि:
लेखक ध्यान दिलाता है कि वहाँ भव्य महल, मंदिर या राजाओं के स्मारक नहीं मिलते। फिर भी साधारण वस्तुओं में कलात्मकता मिलती है। इससे पता चलता है कि कला पूरे समाज की देन थी और समाज सौंदर्य के प्रति सजग था।

चरण 4: उत्तर (लगभग 100 शब्द):
‘अतीत में दबे पाँव’ में मोहनजोदड़ो के अवशेषों के माध्यम से बताया गया है कि हड़प्पा-वासी सुरुचिपूर्ण जीवन जीते थे। उनके मृद्भांड, मुहरें, मूर्तियाँ, गहने और खिलौने कलात्मक सूझ-बूझ का परिचय देते हैं। नगर की बनावट भी कला और व्यवस्था का सुंदर मेल है। लेखक के अनुसार इस सभ्यता का सौंदर्य-बोध समाज-पोषित था, इसी कारण वह व्यापक और सहज रूप में दिखता है।

अंतिम उत्तर:
अतः पाठ के आधार पर कथन सही है कि हड़प्पा सभ्यता कला की दृष्टि से समृद्ध थी।
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