Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

“यशोधर बाबू दो भिन्न कालखंडों में जीवन निर्वहन कर रहे हैं।” – पक्ष या विपक्ष में तर्क सहित उत्तर दीजिए।

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पक्ष में लिखिए: किशनदा के पुराने आदर्श बनाम भूषण और परिवार की आधुनिकता। ‘समहाउ इंप्रॉपर’, बिड़ला मंदिर, ड्रेसिंग गाउन और पार्टी के प्रसंग से तर्क दीजिए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कथन का अर्थ:
दो कालखंडों में जीने का अर्थ है कि व्यक्ति रहता तो आज में है, पर सोचता और जीता बीते समय के नियमों से है।
मनोहर श्याम जोशी की कहानी ‘सिल्वर वैडिंग’ में यशोधर बाबू की यही स्थिति है। हम इसके पक्ष में प्रमाण देंगे।

चरण 2: कहानी से प्रमाण:
प्रमाण 1: वे पहले गोल मार्केट से सचिवालय तक साइकिल से जाते थे, पर बच्चों को यह अच्छा नहीं लगता, क्योंकि उनके अनुसार साइकिल तो चपरासी चलाते हैं।
प्रमाण 2: किशनदा की बातें और उनकी जीवन-शैली उनके लिए आज भी आदर्श हैं।
प्रमाण 3: बेटा भूषण घर में आधुनिक सुविधाएँ जुटाता है, पत्नी भी बदल गई है, पर यशोधर बाबू इन्हें ‘समहाउ इंप्रॉपर’ मानते हैं।
प्रमाण 4: पार्टी में वे केक में अंडा होने की बात कहकर उसे नहीं खाते और पूजा में लंबा समय बिताते हैं।

चरण 3: विश्लेषण:
अगर वे पूरी तरह वर्तमान के होते तो बच्चों के साथ सहज रहते। अगर पूरी तरह अतीत के होते तो बदलाव से इतना दुख न होता। उनकी बेचैनी और अकेलापन बताता है कि वे दोनों समयों के बीच अटके हैं।

चरण 4: उत्तर (लगभग 100 शब्द):
यशोधर बाबू पुराने संस्कारों में पले हैं और किशनदा को अपना गुरु मानते हैं। उनके बच्चे और पत्नी नई, आधुनिक जीवन-शैली अपना चुके हैं। घर में होने वाले बदलाव उन्हें अटपटे लगते हैं, इसलिए वे हर बात पर ‘समहाउ इंप्रॉपर’ कहते हैं। ड्रेसिंग गाउन मिलने पर भी उनके मन में अकेलेपन की टीस उठती है। वे पुराना छोड़ नहीं पाते और नया अपना नहीं पाते। अतः यह कथन पूरी तरह उचित है।

अंतिम उत्तर:
यशोधर बाबू वर्तमान में रहते हुए भी अतीत के मूल्यों से जीते हैं, इसलिए वे दो भिन्न कालखंडों में जी रहे हैं।
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