Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

“ ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी में ‘टाई-सूट पहनना आना चाहिए लेकिन धोती-कुर्ता अपनी पोशाक है यह नहीं भूलना चाहिए।’” – यह बात यशोधर बाबू ने किस संदर्भ में कही ? इसका क्या आशय है ?

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प्रसंग: सिल्वर वैडिंग की पार्टी में भूषण के मित्रों से अंग्रेज़ी ढंग से परिचय; यह किशनदा की सीख है। आशय: नया सीखो, पर अपनी संस्कृति मत भूलो।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: पात्र की मानसिकता:
यशोधर बाबू किशनदा को अपना आदर्श मानते हैं और उनकी कही बातें अक्सर दोहराते हैं। वे सादगी और परंपरा को महत्त्व देते हैं, फिर भी यह दिखाना चाहते हैं कि वे नए तौर-तरीकों से अनजान नहीं हैं।

चरण 2: प्रसंग:
बच्चों ने बिना बताए उनकी विवाह की पच्चीसवीं वर्षगाँठ पर घर में पार्टी रखी। वहाँ भूषण ने अपने मित्रों का परिचय कराया। यशोधर बाबू ने अंग्रेज़ी में धन्यवाद कहा और हाथ बढ़ाकर ‘वाई. डी. पंत, होम मिनिस्ट्री, भूषण्स फादर’ कहकर परिचय दिया। इस व्यवहार के पीछे किशनदा की यह सीख थी कि टाई-सूट पहनना आना चाहिए, लेकिन धोती-कुर्ता अपनी पोशाक है, यह नहीं भूलना चाहिए।

चरण 3: वाक्य को खोलकर समझना:
‘टाई-सूट पहनना आना चाहिए’ का अर्थ है आधुनिक दुनिया के तौर-तरीके सीखना। ‘धोती-कुर्ता अपनी पोशाक है’ का अर्थ है अपनी परंपरा और पहचान पर गर्व रखना। दोनों मिलकर बताते हैं कि नया सीखो, पर अपनी जड़ें मत छोड़ो।

चरण 4: आज के लिए संदेश:
आज भी यह सीख उपयोगी है। हम अंग्रेज़ी, तकनीक और आधुनिक व्यवहार सीखें, पर अपनी भाषा, संस्कार और वेशभूषा को हीन न मानें।

अंतिम उत्तर:
कथन सिल्वर वैडिंग की पार्टी में मेहमानों से विलायती ढंग से परिचय के प्रसंग में आता है और परंपरा तथा आधुनिकता के संतुलन की सीख देता है।
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