Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

यशोधर बाबू एक ओर अपने बच्चों की तरक्की से खुश भी होते हैं तो दूसरी ओर उन्हें उनकी यह तरक्की ‘समहाउ इंप्रापर’ भी लगती है। उनके व्यवहार के इस विरोधाभास को ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

Show Hint

यशोधर बाबू की खुशी के कारण और ‘समहाउ इंप्रापर’ लगने के कारण दोनों लिखिए, फिर कहानी की किसी घटना का उदाहरण दीजिए।
Updated On: Oct 27, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न का केंद्र:
यह प्रश्न यशोधर बाबू के मन के दो विपरीत भावों पर आधारित है: एक ओर गर्व, दूसरी ओर असहमति। इसे कहानी की घटनाओं के आधार पर समझाना है।

चरण 2: विरोधाभास का कारण:
यशोधर बाबू ने जीवन में सादगी, ईमानदारी और कम साधनों में गुज़ारा करना सीखा है। जब बच्चे उनसे अधिक कमाते हैं और सुख-सुविधाओं पर खर्च करते हैं, तो वे प्रसन्न भी होते हैं और भीतर से बेचैन भी। प्रसन्नता इस बात की कि उनके पालन-पोषण का फल मिला; बेचैनी इस बात की कि बच्चे उनके सिद्धांतों को पुराना मानकर छोड़ रहे हैं।

चरण 3: कहानी का प्रमाण:
सिल्वर वैडिंग के उत्सव में, बेटे द्वारा लाए गाउन में और बच्चों के पहनावे में उन्हें सब कुछ ‘समहाउ इंप्रापर’ लगता है। वे आपत्ति पूरी तरह प्रकट नहीं कर पाते, इसलिए चुप रहकर भीतर घुटते हैं।

अंतिम उत्तर:
तरक्की पर गर्व और बदलती जीवन-शैली पर असहमति, दोनों साथ चलने से यशोधर बाबू का व्यवहार विरोधाभासी दिखता है।
Was this answer helpful?
0

Top Questions on बादल राग