Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

पाठशाला पहुँचकर ‘जूझ’ कहानी के लेखक को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा ? लेखक किन विशेषताओं के कारण उन परिस्थितियों में भी अडिग रहे ?

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पाँचवीं में छोटे बच्चों के साथ बैठना, मटमैली धोती-गमछा और चह्वाण के लड़के की शरारत लिखिए, फिर लेखक की लगन और धैर्य बताइए।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न के दो भाग:
पहले भाग में पाठशाला में मिली कठिनाइयाँ बतानी हैं और दूसरे भाग में लेखक के वे गुण, जिनके कारण वह टिका रहा। यह ‘जूझ’ पाठ से तीन में से किन्हीं दो में आने वाला प्रश्न है।

चरण 2: पहले दिन की घटनाएँ:
पहले ही दिन लेखक बेंच के एक कोने में अजनबी की तरह जा बैठा। चह्वाण के लड़के ने उससे मज़ाक में पूछा कि क्या वह गलती से इस कक्षा में आ बैठा है। फिर उसने गमछा खींचकर अपने सिर पर लपेटा, मास्टर की नकल की और गमछा मेज़ पर रख दिया। रणनवरे मास्टर ने गमछा देखकर लेखक को ही डाँटा। छुट्टी में उस लड़के ने दो बार धोती की काछ खींचने की कोशिश की।

चरण 3: मन की कठिनाई:
लेखक को लगा कि उसकी ही पाठशाला उसे चोंच मार-मारकर घायल कर रही है, जैसे कौए किसी अकेले बच्चे पर चोंच मारते हैं। साथ के लड़के आगे जा चुके थे और कक्षा के छोटे बच्चे उसके किसी काम के नहीं थे।

चरण 4: लेखक के गुण:
लेखक ने हार नहीं मानी। अगली सुबह वह फिर पाठशाला गया। उसने नई टोपी और चड्डियाँ मँगवाकर अपनी समस्या का हल निकाला। उसने तय किया कि कक्षा में दंगा करने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान देगा। इससे उसकी दृढ़ इच्छा-शक्ति, सूझ-बूझ और लगन दिखती है।

चरण 5: लगभग 100 शब्दों में आदर्श उत्तर:
फिर से पाँचवीं में बैठने पर लेखक को कोई परिचित नहीं मिला। छोटे बच्चों के बीच वह अकेला और अजनबी था। उसके मटमैले कपड़ों पर हँसी उड़ी, शरारती चह्वाण के लड़के ने गमछा छीना और धोती खींचने का प्रयास किया, उल्टे मास्टर की डाँट भी उसे ही पड़ी। पाठशाला उसे पराई लगने लगी। पर पढ़ने की तीव्र इच्छा, धैर्य, सूझ-बूझ और आत्मबल के कारण वह अगले दिन फिर गया, अपना पहनावा बदला और पढ़ाई में जुट गया।

अंतिम उत्तर:
उपहास, अकेलेपन और अपमान के बीच लेखक को उसकी लगन, धैर्य और सूझ-बूझ ने अडिग रखा।
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