Question:hard

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

“पाठशाला जाने के लिए मन तड़पता था लेकिन दादा के सामने खड़े होकर, यह कहने की हिम्मत नहीं होती थी।” ‘जूझ’ पाठ के लेखक द्वारा कहे इस कथन के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए यह भी लिखिए कि पढ़ने हेतु लेखक के समक्ष क्या-क्या चुनौतियाँ थीं ?

Show Hint

दादा का डर (हड्डी-पसली एक कर देगा) लिखिए। फिर दत्ता जी राव से सिफ़ारिश, सुबह-शाम खेत की शर्त और कक्षा में गमछा-धोती वाले अपमान को चुनौतियों के रूप में बताइए।
Updated On: Oct 27, 2026
Show Solution

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न की माँग:
पहले यह बताना है कि लेखक दादा के सामने अपनी बात क्यों नहीं कह पाता था। फिर उन बाधाओं को लिखना है जो पढ़ाई के रास्ते में आईं। दोनों बातें आनंद यादव के पाठ ‘जूझ’ से लेनी हैं।

चरण 2: हिम्मत न होने का कारण:
दादा पढ़ाई को बेकार मानते थे और लड़के को खेती में जोतकर रखना चाहते थे। उनके गुस्से का लेखक को इतना भय था कि उसे लगता था, कहते ही दादा उसकी हड्डी-पसली एक कर देंगे। लेखक जानता था कि जीवन भर खेती करने से कुछ हाथ नहीं लगेगा, पर यह बात वह स्वयं नहीं कह सकता था। इसलिए उसने कोल्हू का काम निपटने के बाद माँ से बात छेड़ी और दत्ता जी राव से दादा को समझाने की योजना बनाई।

चरण 3: घर की बाधाएँ:
दत्ता जी राव के समझाने पर दादा माने, पर शर्त रखी कि लेखक सवेरे-शाम खेत पर आता रहेगा। दादा ने धमकी भी दी कि किसी दिन नहीं आया तो गाँव में जहाँ मिलेगा वहीं कुचल देगा। इस तरह पढ़ाई के साथ खेती का भार भी बना रहा।

चरण 4: पाठशाला की बाधाएँ:
पढ़ाई छूटने से वह पाँचवीं में ही रह गया। साथ के लड़के आगे निकल गए थे और कक्षा में गली के दो लड़कों के सिवा कोई परिचित नहीं था। उसकी मटमैली धोती और गमछा देखकर चह्वाण के लड़के ने उसका मज़ाक उड़ाया और गमछा छीन लिया। उसे पाठशाला पराई लगने लगी, फिर भी वह अगले दिन फिर गया।

चरण 5: संक्षिप्त उत्तर (लगभग 100 शब्द):
दादा के कठोर स्वभाव और मार के डर के कारण लेखक पढ़ने की बात स्वयं नहीं कह पाता था। माँ भी दादा के आगे बेबस थी। लेखक ने माँ के साथ दत्ता जी राव देसाई से दादा को समझवाया। अनुमति मिली, पर सुबह-शाम खेत पर काम करने की कड़ी शर्त के साथ। पाठशाला में उसे अपने से छोटे बच्चों के साथ बैठना पड़ा, शरारती लड़कों ने उसकी पोशाक की हँसी उड़ाई और गमछा छीना। इन सब कठिनाइयों के बीच भी उसने पढ़ाई जारी रखी।

अंतिम उत्तर:
डर दादा के गुस्से का था; चुनौतियाँ थीं दादा को मनाना, खेत के काम की शर्त और पाठशाला में अकेलापन व अपमान।
Was this answer helpful?
0

Top Questions on जूझ