Question:medium

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए :

“यह खेती हमें गड्ढे में धकेल रही है। पढ़ जाऊँगा तो नौकरी लग जाएगी, चार पैसे हाथ में रहेंगे।” – ‘जूझ’ पाठ से उद्धृत इस कथन के संदर्भ में ग्रामीण युवाओं की मानसिक स्थिति का वर्णन कीजिए।

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खेती से निराशा, पढ़ाई और नौकरी से आशा, दादा का डर और पढ़ने के लिए जूझने की इच्छा, ये चारों बातें पाठ के प्रसंगों के साथ लिखिए।
Updated On: Oct 21, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कथन के दो भाग:
कथन के पहले भाग ‘यह खेती हमें गड्ढे में धकेल रही है’ में खेती से निराशा और आर्थिक तंगी है। दूसरे भाग ‘पढ़ जाऊँगा तो नौकरी लग जाएगी, चार पैसे हाथ में रहेंगे’ में शिक्षा से आशा है। यह प्रश्न तीन में से किन्हीं दो में से है और उत्तर लगभग 100 शब्दों का होना है।

चरण 2: पाठ से प्रमाण:
1. कथानायक का पढ़ना बंद करके उसे खेती में लगा दिया गया था और उसका एक वर्ष बेकार चला गया था।
2. वह दादा से डरता था, इसलिए उसने माँ से बात की और रात को माँ के साथ दत्ता जी राव देसाई के यहाँ गया।
3. उसने देसाई से कहा कि दो महीने में पाँचवीं की तैयारी करके वह परीक्षा पास कर लेगा और उसका साल बच जाएगा।

चरण 3: आदर्श उत्तर (लगभग 100 शब्द):
‘जूझ’ के कथानायक का मन दो छोरों के बीच खिंचा है। एक ओर खेती है, जिसमें पीढ़ियों से मेहनत करने के बाद भी हालत नहीं सुधरी। दूसरी ओर पढ़ाई है, जो उसे नौकरी, नियमित आय और सम्मान का सपना दिखाती है। पिता का डर उसे सीधे बोलने नहीं देता, फिर भी वह हार नहीं मानता और माँ व देसाई की मदद से रास्ता निकालता है। उसमें बेचैनी है, पर साथ ही परिश्रम और संघर्ष की दृढ़ इच्छा भी है। इस प्रकार यह कथन उन ग्रामीण युवाओं की मनःस्थिति दिखाता है, जो खेती की जगह शिक्षा में अपना भविष्य खोजते हैं।

अंतिम उत्तर:
कथन में ग्रामीण युवाओं की निराशा, आशा, डर और संघर्ष की मिली-जुली मानसिक स्थिति दिखती है।
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