Step 1: प्रश्न को समझना।
अवतल दर्पण ($f_m=10$ cm) और उत्तल लेंस ($f_l=5$ cm) एक ही अक्ष पर, $50$ cm दूरी पर हैं। बिम्ब को $F_1$ और $F_2$ के बीच रखा है। लेंस से दो वास्तविक उल्टे प्रतिबिंब एक ही बिंदु पर बनते हैं। दर्पण से बिम्ब की दूरी $x$ चाहिए।
Step 2: दो किरण-मार्ग।
एक मार्ग सीधे बिम्ब से लेंस तक, दूसरा मार्ग बिम्ब से दर्पण पर परावर्तन के बाद लेंस तक। दोनों के लिए लेंस का प्रतिबिंब समान बिंदु पर बनने हेतु लेंस के लिए वस्तु-दूरी समान होनी चाहिए।
Step 3: सीधा मार्ग।
सीधे मार्ग में लेंस से बिम्ब की दूरी $=(50-x)$।
Step 4: दर्पण मार्ग।
दर्पण के लिए वस्तु-दूरी $x$; दर्पण-सूत्र से इसका प्रतिबिंब दर्पण से $\dfrac{10x}{x-10}$ दूरी पर बनता है, जो लेंस के लिए नई वस्तु है। लेंस से इसकी दूरी $=50-\dfrac{10x}{x-10}$।
Step 5: समानता की शर्त।
दोनों मार्गों में लेंस की वस्तु-दूरी समान: \[ 50-x = 50-\frac{10x}{x-10} \implies x=\frac{10x}{x-10}. \]
Step 6: हल।
$x\ne0$ से $x-10=10$, अतः $x=20$ cm। ध्यान दें $x=2f_m$ अर्थात बिम्ब वक्रता-केंद्र पर है, जो परिणाम की पुष्टि करता है।
\[ \boxed{\text{$20$ cm}} \]