उन्होंने किसान जीवन को अपनी रचनाओं का केन्द्र बनाया। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
1. वाच्य का भेद:
यह वाक्य कर्तावाच्य वाक्य है। इसमें कर्ता (उन्होंने) का उल्लेख प्रमुख रूप से किया गया है और क्रिया (बनाया) का कार्य कर्ता द्वारा किया जा रहा है। इस वाक्य में कर्ता का कार्य (किसान जीवन को केन्द्र बनाना) सीधे तौर पर बताया गया है, और कर्ता को मुख्य रूप से व्यक्त किया गया है।
2. कर्तावाच्य वाक्य की रचना:
कर्तावाच्य वाक्य में क्रिया का कार्य कर्ता द्वारा किया जाता है, और कर्ता का प्रमुख उल्लेख किया जाता है। जैसे इस वाक्य में 'उन्होंने' का प्रयोग कर्ता के रूप में किया गया है और यह दर्शाता है कि यह कार्य कर्ता द्वारा किया गया है।
3. कर्मवाच्य वाक्य और कर्तावाच्य वाक्य का अंतर:
- कर्तावाच्य वाक्य: इस वाक्य में क्रिया का कार्य कर्ता द्वारा किया जाता है, और कर्ता का उल्लेख प्रमुख रूप से किया जाता है। जैसे: 'उन्होंने किसान जीवन को अपनी रचनाओं का केन्द्र बनाया।'
- कर्मवाच्य वाक्य: इस वाक्य में क्रिया के कार्य (किसी चीज़ के होने) पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, और कर्ता गौण किया जाता है। जैसे: 'किसान जीवन को उनकी रचनाओं का केन्द्र बनाया गया।'
4. निष्कर्ष:
इस वाक्य का वाच्य कर्तावाच्य है, क्योंकि इसमें कर्ता का प्रमुख रूप से उल्लेख किया गया है और यह दर्शाया गया है कि कर्ता (उन्होंने) ने किसान जीवन को अपनी रचनाओं का केन्द्र बनाया। कर्तावाच्य वाक्य में कर्ता का कार्य करना प्रमुख होता है।