Question:medium

सोरठा' छन्द के पहले एवं तीसरे चरण में मात्राएँ होती हैं

Show Hint

याद रखें: दोहा = 13-11; सोरठा = 11-13। (13-11 का उल्टा 11-13)।
Updated On: Feb 19, 2026
  • 13-11 मात्राएँ
  • 11-13 मात्राएँ
  • 11-11 मात्राएँ
  • इनमें से कोई नहीं
Show Solution

The Correct Option is C

Solution and Explanation

विश्लेषण: सोरठा हिंदी काव्य का एक प्रसिद्ध मात्रिक छन्द है, जो दोहे के समान दिखाई देता है, किंतु उसकी मात्राओं की व्यवस्था भिन्न होती है।
सोरठा में चार चरण होते हैं और प्रत्येक चरण की निश्चित मात्रा-व्यवस्था निर्धारित होती है।

छन्दशास्त्र के अनुसार सोरठा छन्द में प्रथम और तृतीय चरण में 11–11 मात्राएँ होती हैं, जबकि द्वितीय और चतुर्थ चरण में 13–13 मात्राएँ होती हैं।
अर्थात् इसकी मात्रा-योजना 11–13 / 11–13 के रूप में होती है।
इसी विशेष मात्रा-विन्यास के कारण यह दोहे से अलग पहचाना जाता है, क्योंकि दोहे में 13–11 / 13–11 की व्यवस्था होती है।

सोरठा का प्रयोग भक्ति, नीति तथा वर्णनात्मक काव्य में व्यापक रूप से किया गया है।
मात्राओं की शुद्ध गणना और लयबद्धता इस छन्द की मुख्य विशेषता है, जिससे काव्य में संगीतात्मक प्रभाव उत्पन्न होता है।

निष्कर्ष: अतः ‘सोरठा’ छन्द के पहले एवं तीसरे चरण में 11–11 मात्राएँ होती हैं।
Was this answer helpful?
0