Comprehension

मानव के संवाद करने, जानकारी प्राप्त करने और बाह्य दुनिया के समक्ष स्वयं को अभिनीत करने की शैली में परिवर्तन लाकर सोशल मीडिया आधुनिक युग का सर्वव्यापी पहलू बन गया है। इसने सूचना के प्रसार को अत्यंत त्वरित बना दिया है और यह सभी आयु समूहों के लिए एक आसान माध्यम बन चुका है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, यूट्यूब, आदि उपयोगकर्ता को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने और सामाजिक तौर पर सक्रिय रहने का अवसर प्रदान करते हैं। इसका महत्त्व समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए एक प्रभावी माध्यम है, बल्कि यह शिक्षा, व्यापार और यहाँ तक कि राजनीति में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसने सूचना के प्रसार को अत्यधिक तेज़ और सस्ता बना दिया है। इसके जरिए लोग घटनाओं का सीधा प्रसारण विश्व के किसी भी कोने से देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में तो इसने एक क्रांति सी ला दी है। छात्रों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। व्यावसायिक गतिविधियाँ-जैसे उत्पादों और सेवाओं का प्रचार करना, ग्राहकों से जुड़ना, विपणन अभियानों को तेज़ी से फैलाने में भी यह मदद करता है।

सोशल मीडिया जहाँ सकारात्मक भूमिका अदा कर रहा है वहीं समाज पर इसका दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। लोग तनाव और अवसाद से प्रभावित हो रहे हैं, अकेलापन बढ़ रहा है, अनिद्रा की समस्या बढ़ रही है। इसने आत्ममुग्धता को बढ़ाया है। अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में लिखना, अपनी आत्मीय तस्वीरें शेयर करना, चौबीसों घंटे सोशल मीडिया पर उपस्थित रहना बेचैनी को बढ़ा सकता है। आपको याद रखना चाहिए कि इस मंच पर आने वाले आपके आभासी मित्र, सच्चे मित्र या हितैषी नहीं होते। लोग आपकी उपस्थिति का लाभ उठाकर आपको धोखा-धड़ी का शिकार बना लेते हैं। ‘लाइक’ और ‘कमेंट’ की अपेक्षा हमारे मस्तिष्क की लय बिगाड़ देते हैं। वैज्ञानिक इसकी लत को खराब जीवन-शैली से होने वाली बीमारियों में सबसे ऊपर रखते हैं।

यद्यपि यह लोगों से जुड़ने, सूचना के प्रचार-प्रसार, समुदाय में अहम भूमिका निभा रहा है लेकिन इसके अति प्रयोग से बचना चाहिए।

Question: 1

निम्नलिखित में से सोशल मीडिया का प्रकार नहीं है :

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गद्यांश में दिए गए प्लेटफॉर्मों के नाम देखिए और वह विकल्प चुनिए जिसका नाम उस सूची में नहीं है।
Updated On: Oct 27, 2026
  • इंस्टाग्राम
  • व्हाट्सऐप
  • ट्विटर
  • फेसबुक
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न की बनावट समझना:
प्रश्न में ‘नहीं’ शब्द मोटे और तिरछे अक्षरों में लिखा है। इसका अर्थ है कि चार में से तीन विकल्प सोशल मीडिया के प्रकार हैं और एक नहीं है।
हमें वही एक विकल्प खोजना है जो गद्यांश की सूची से बाहर है।

चरण 2: गद्यांश की सूची से मिलान (छाँटने की विधि):
गद्यांश दूसरी बात में पाँच नाम देता है: फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन और यूट्यूब।
विकल्पों में इंस्टाग्राम, ट्विटर और फेसबुक तीनों इस सूची में मिल जाते हैं, इसलिए इन्हें हटा देते हैं।

चरण 3: बचा हुआ विकल्प:
अब केवल व्हाट्सऐप बचता है। गद्यांश ने इसका उल्लेख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रूप में नहीं किया है।
इसलिए प्रश्न की शर्त ‘सोशल मीडिया का प्रकार नहीं है’ इसी पर लागू होती है।

अंतिम उत्तर:
सही उत्तर विकल्प 2, व्हाट्सऐप है।
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Question: 2

सोशल मीडिया की लोकप्रियता का नकारात्मक प्रभाव है :

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गद्यांश के दूसरे अनुच्छेद में दुष्प्रभाव बताए गए हैं। ‘आत्ममुग्धता’ वहीं लिखा है, जो ‘आत्ममोह’ के समान है।
Updated On: Oct 27, 2026
  • सूचनाओं का त्वरित प्रसारण
  • दुनियाभर से जुड़ने का अवसर
  • आत्ममोह की संस्कृति को बढ़ावा
  • व्यावसायिक गतिविधियों में योगदान
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

चरण 1: लाभ और हानि को अलग करना (छाँटने की विधि):
पहले चारों विकल्पों को देखकर तय करते हैं कि कौन-सा गद्यांश में लाभ के रूप में आया है और कौन-सा हानि के रूप में।
पहला अनुच्छेद लाभों का है और दूसरा अनुच्छेद दुष्प्रभावों का।

चरण 2: पहले अनुच्छेद से मिलने वाले विकल्प हटाना:
पहले अनुच्छेद में सूचना के प्रसार को ‘अत्यंत त्वरित’ कहा गया है, इसलिए विकल्प 1 लाभ है।
घटनाओं का सीधा प्रसारण विश्व के किसी भी कोने से देखने की बात विकल्प 2 के समान है, इसलिए यह लाभ है।
उत्पादों और सेवाओं के प्रचार की बात विकल्प 4 के समान है, इसलिए यह भी लाभ है।

चरण 3: दूसरे अनुच्छेद से मिलान:
दूसरे अनुच्छेद में लिखा है कि अपनी निजी ज़िंदगी और तस्वीरें साझा करना तथा हर समय मंच पर रहना बेचैनी बढ़ाता है। इसे आत्ममुग्धता से जोड़ा गया है।
आत्ममुग्धता और आत्ममोह का अर्थ एक ही है, इसलिए यही नकारात्मक प्रभाव है।

अंतिम उत्तर:
सही उत्तर विकल्प 3 है।
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Question: 3

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :

कथन : सोशल मीडिया का महत्त्व समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है।

कारण : सामाजिक संरचना के सुदृढ़ीकरण और रचनात्मक क्षमता के प्रदर्शन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विकल्प :

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पहले कथन और कारण को गद्यांश से अलग-अलग मिलाइए। फिर देखिए कि कारण बढ़ते महत्त्व को समझाता है या नहीं।
Updated On: Oct 27, 2026
  • कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
  • कारण सही है, किंतु कथन ग़लत है।
  • कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: कथन-कारण के प्रश्न का तरीका:
ऐसे प्रश्न में पहले दोनों को अलग-अलग परखा जाता है, फिर देखा जाता है कि कारण से कथन का कारण-परिणाम का संबंध बनता है या नहीं।
इसके लिए हम विकल्पों से भी पीछे की ओर चलकर जाँच करेंगे।

चरण 2: विकल्प 1 और 2 को परखना:
विकल्प 1 तभी सही होता जब दोनों बातें गद्यांश के विरुद्ध होतीं। परंतु महत्त्व बढ़ने की बात गद्यांश में स्पष्ट लिखी है, इसलिए यह विकल्प ग़लत है।
विकल्प 2 कथन को ग़लत मानता है, जो गद्यांश के विरुद्ध है, इसलिए यह भी ग़लत है।

चरण 3: विकल्प 3 और 4 में अंतर:
दोनों विकल्प कथन और कारण को सही मानते हैं। अंतर यह है कि विकल्प 4 में कारण को व्याख्या माना गया है।
गद्यांश में रचनात्मकता, सामाजिक सक्रियता, शिक्षा और व्यापार में भूमिका बताने के तुरंत बाद लिखा है कि इसका महत्त्व बढ़ रहा है। इसलिए ये भूमिकाएँ ही बढ़ते महत्त्व का कारण हैं।

अंतिम उत्तर:
सही उत्तर विकल्प 4 है।
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Question: 4

सोशल मीडिया से क्या अभिप्राय है ?

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गद्यांश की पहली पंक्ति देखिए। उसमें संवाद, जानकारी और स्वयं को प्रस्तुत करने की बात लिखी है।
Updated On: Oct 27, 2026
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चरण 1: उत्तर कहाँ मिलेगा:
इस प्रश्न का उत्तर गद्यांश के आरंभिक वाक्य में है। उसी वाक्य को सरल शब्दों में दोबारा लिखना है।
गद्यांश कहता है कि सोशल मीडिया आधुनिक युग का सर्वव्यापी पहलू बन गया है।

चरण 2: मुख्य शब्दों को सरल करना:
‘संवाद करना’ का अर्थ है आपस में बात करना। ‘जानकारी प्राप्त करना’ का अर्थ है समाचार और सूचनाएँ पाना।
‘स्वयं को अभिनीत करना’ का अर्थ है दुनिया के सामने अपने को प्रस्तुत करना, यानी अपनी छवि और रचनाएँ दिखाना।

चरण 3: पूरा उत्तर बनाना:
इन तीनों बातों को जोड़ने पर सोशल मीडिया का अर्थ बनता है, इंटरनेट पर वह मंच जहाँ लोग बात करते हैं, खबरें पाते हैं और अपने को दुनिया के सामने रखते हैं।
गद्यांश के अनुसार यह सभी आयु समूहों के लिए सूचना का एक आसान माध्यम बन चुका है।

अंतिम उत्तर:
सोशल मीडिया इंटरनेट पर वह आधुनिक माध्यम है, जो मनुष्य के आपस में बात करने, सूचना पाने और स्वयं को प्रस्तुत करने के ढंग को बदल देता है।
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Question: 5

सोशल मीडिया के दो सकारात्मक पहलुओं का उल्लेख कीजिए।

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गद्यांश के पहले अनुच्छेद से कोई दो लाभ चुनकर लिखिए, जैसे तेज़ प्रसार और शिक्षा में सहायता।
Updated On: Oct 27, 2026
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चरण 1: उत्तर के लिए अंश चुनना:
दो अंक का प्रश्न होने के कारण उत्तर में दो अलग-अलग बिंदु होने चाहिए, और प्रत्येक के साथ गद्यांश का आधार जुड़ा हो।
गद्यांश के पहले अनुच्छेद में कई लाभ मिलते हैं, उनमें से दो चुनने हैं।

चरण 2: पहला पहलू, रचनात्मकता और सामाजिक सक्रियता:
फेसबुक, यूट्यूब जैसे मंच उपयोगकर्ता को अपनी रचनात्मकता दिखाने और सामाजिक रूप से सक्रिय रहने का अवसर देते हैं। इससे व्यक्ति अपनी प्रतिभा दूसरों तक पहुँचा पाता है।

चरण 3: दूसरा पहलू, व्यावसायिक लाभ:
गद्यांश के अनुसार उत्पादों और सेवाओं का प्रचार करने, ग्राहकों से जुड़ने और विपणन अभियानों को तेज़ी से फैलाने में सोशल मीडिया मदद करता है।
इससे व्यापार को कम खर्च में अधिक लोगों तक पहुँचने का अवसर मिलता है।

अंतिम उत्तर:
दो सकारात्मक पहलू हैं, रचनात्मकता एवं सामाजिक सक्रियता का अवसर तथा व्यावसायिक प्रचार और ग्राहकों से जुड़ाव में सहायता।
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Question: 6

सोशल मीडिया पर ‘लाइक’ और ‘कमेंट’ की अपेक्षा हमारे मस्तिष्क की लय बिगाड़ देते हैं। कैसे ? स्पष्ट कीजिए।

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लाइक और कमेंट की चाह से निराशा, तनाव और बेचैनी बढ़ती है। इसी को मस्तिष्क की लय बिगड़ना कहा गया है।
Updated On: Oct 27, 2026
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चरण 1: प्रश्न को सरल शब्दों में समझना:
प्रश्न पूछता है कि लाइक और कमेंट पाने की चाह का हमारे मन-मस्तिष्क पर बुरा असर कैसे पड़ता है। इसका उत्तर दूसरे अनुच्छेद की बातों को जोड़कर बनता है।

चरण 2: एक उदाहरण से समझना:
मान लीजिए कोई छात्र अपनी तस्वीर डालता है और बार-बार देखता है कि कितने लोगों ने पसंद किया। यदि कम लोग प्रतिक्रिया देते हैं, तो वह दुखी और चिंतित हो जाता है।
यदि अधिक प्रतिक्रिया मिलती है, तो वह और अधिक पाने की इच्छा में लगा रहता है।

चरण 3: गद्यांश से जोड़ना:
गद्यांश के अनुसार चौबीसों घंटे मंच पर रहना और अपनी निजी बातें साझा करना बेचैनी बढ़ाता है। लोग तनाव, अवसाद और अनिद्रा से घिर जाते हैं।
यही कारण है कि लाइक और कमेंट की अपेक्षा मस्तिष्क को शांत नहीं रहने देती, उसकी लय बिगाड़ देती है।

अंतिम उत्तर:
दूसरों की प्रतिक्रिया पर निर्भरता से निराशा, तनाव और बेचैनी बढ़ती है, इसलिए लाइक और कमेंट मस्तिष्क के संतुलन को बिगाड़ देते हैं।
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Question: 7

सोशल मीडिया की लत का खराब जीवन-शैली से होने वाली बीमारियों से क्या संबंध है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।

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लत से दिनचर्या बिगड़ती है, जिससे तनाव, अवसाद और अनिद्रा होती है। यही गद्यांश का संबंध है।
Updated On: Oct 27, 2026
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चरण 1: प्रश्न की माँग:
प्रश्न में संबंध बताना है और वह भी तर्क के साथ। इसलिए केवल गद्यांश की पंक्ति दोहराना काफ़ी नहीं, कारण भी देना होगा।

चरण 2: कारण से परिणाम तक:
पहले लत को देखिए। व्यक्ति बार-बार सोशल मीडिया देखे बिना रह नहीं पाता, इसलिए समय पर नींद और भोजन छूटने लगते हैं।
फिर परिणाम देखिए। गद्यांश में अकेलापन, अनिद्रा, तनाव और अवसाद को इसी लत का नतीजा बताया गया है।

चरण 3: वैज्ञानिक राय:
गद्यांश कहता है कि वैज्ञानिक इस लत को खराब जीवन-शैली से होने वाली बीमारियों में सबसे ऊपर मानते हैं। इसका अर्थ है कि इसका प्रभाव सबसे अधिक व्यापक और गंभीर है।
अतः जैसे अनियमित खान-पान से रोग होते हैं, वैसे ही अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग से मानसिक रोग होते हैं।

अंतिम उत्तर:
सोशल मीडिया की लत जीवन की दिनचर्या बिगाड़ती है और मानसिक एवं शारीरिक रोगों को जन्म देती है, इसलिए वह खराब जीवन-शैली की बीमारियों में प्रमुख मानी गई है।
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