Question:hard

प्रारम्भिक त्रिज्या \(R_0\) वाली एक लंबी परिनालिका एकसमान चुंबकीय क्षेत्र \(\mathbf{B}\) में ऐसे रखी गयी है कि इसका अक्ष चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में है। यह परिनालिका एक बंद परिपथ का हिस्सा है जिसमें प्रारंभ में कोई विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो रही है। यदि परिनालिका की त्रिज्या एकसमान दर से बढ़नी शुरू हो जाए तो परिनालिका में मौजूद चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता \(B_{in}\) एवं उससे संबद्ध चुंबकीय ऊर्जा \(U_{in}\) में क्या बदलाव आयेगा?

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लेन्ज का नियम हमेशा प्रकृति में "विरोध" करने का काम करता है। फ्लक्स बढ़ने पर प्रेरित चुंबकीय क्षेत्र मुख्य क्षेत्र के विपरीत होता है, जिससे कुल चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता कम हो जाती है।
Updated On: Jun 11, 2026
  • \(B_{in}\) घटेगा, \(U_{in}\) घटेगा।
  • \(B_{in}\) बढ़ेगा, \(U_{in}\) घटेगा।
  • \(B_{in}\) बढ़ेगा, \(U_{in}\) बढ़ेगा।
  • \(B_{in}\) घटेगा, \(U_{in}\) बढ़ेगा।
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: प्रश्न को समझना।
एक परिनालिका (solenoid) एकसमान चुंबकीय क्षेत्र $\mathbf{B}$ में रखी है, अक्ष क्षेत्र की दिशा में। यह बंद परिपथ का भाग है। त्रिज्या एकसमान दर से बढ़ने पर भीतरी क्षेत्र $B_{in}$ और चुंबकीय ऊर्जा $U_{in}$ का बदलाव चाहिए।
Step 2: फ्लक्स और लेंज का नियम।
फ्लक्स $\Phi=B\cdot A=B\,\pi R^2$। त्रिज्या बढ़ने से क्षेत्रफल बढ़ता है, फ्लक्स बढ़ने लगता है। लेंज का नियम (Lenz's law) इस वृद्धि का विरोध करने हेतु प्रेरित धारा उत्पन्न करता है।
Step 3: $B_{in}$ का व्यवहार।
प्रेरित धारा का क्षेत्र बाह्य क्षेत्र के विपरीत होता है, अतः भीतरी कुल क्षेत्र $B_{in}=B_0-B_{ind}$ घट जाता है।
Step 4: फ्लक्स लगभग नियत।
कम-प्रतिरोध बंद लूप के लिए फ्लक्स $\Phi=B_{in}A$ लगभग नियत रहता है, इसलिए $B_{in}\propto\dfrac{1}{R^2}$।
Step 5: ऊर्जा का सूत्र।
ऊर्जा घनत्व $\dfrac{B_{in}^2}{2\mu_0}$, और आयतन $\propto R^2$ (लंबाई स्थिर), अतः \[ U_{in}\propto B_{in}^2 R^2 \propto \frac{1}{R^4}\cdot R^2=\frac{1}{R^2}. \]
Step 6: निष्कर्ष।
$R$ बढ़ने पर $B_{in}$ और $U_{in}$ दोनों घटते हैं।
\[ \boxed{\text{$B_{in}$ घटेगा, $U_{in}$ घटेगा।}} \]
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