Step 1: प्रश्न को समझना।
$Mn_2(CO)_{10}$ और $[MnO_4]^-$ में धातु-लिगेंड $\pi$-आबंध बनने के दौरान इलेक्ट्रॉन युगल दान की दिशा बतानी है।
Step 2: $Mn_2(CO)_{10}$ की प्रकृति।
यह एक धातु कार्बोनिल है जिसमें सहक्रियात्मक आबंधन (synergic bonding) होता है।
Step 3: कार्बोनिल में पश्च-बंधन।
धातु के भरे $d$-कक्षक अपने इलेक्ट्रॉन युग्म को CO के रिक्त $\pi^*$ कक्षकों में देते हैं (back-bonding), अतः दिशा धातु $\rightarrow$ लिगन्ड।
Step 4: $[MnO_4]^-$ की स्थिति।
यहाँ Mn अपनी उच्चतम +7 अवस्था में है और $d^0$ विन्यास रखता है, अतः धातु के पास देने योग्य $d$-इलेक्ट्रॉन नहीं।
Step 5: परमैंगनेट में दान की दिशा।
ऑक्सीजन के भरे $p$-कक्षक अपने इलेक्ट्रॉन रिक्त Mn $d$-कक्षकों में देते हैं (LMCT), अतः दिशा लिगन्ड $\rightarrow$ धातु।
Step 6: निष्कर्ष।
अतः कार्बोनिल में धातु$\rightarrow$लिगन्ड और परमैंगनेट में लिगन्ड$\rightarrow$धातु।
\[ \boxed{\text{Mn2(CO)10: धातु कक्षक → लिगन्ड कक्षक; [MnO4]−: लिगन्ड कक्षक → धातु कक्षक}} \]