Question:medium

महानगरीय जीवन में मनुष्य प्रकृति से दूर हो गया है — इस बात को 'वसंत आया' कविता किस प्रकार रेखांकित करती है?

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वातावरणीय चित्रण और प्रतीकों के माध्यम से कविता के भाव को समझें — खासकर शहरी जीवन बनाम प्रकृति के संदर्भ में।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

'वसंत आया' कविता महानगरों में वसंत के आगमन के प्रति उदासीनता दर्शाती है। कवि के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली के कारण मनुष्य प्रकृति से दूर हो गया है, जिससे वह ऋतुओं के सौंदर्य और बदलावों को महसूस करने में असमर्थ है। कविता में वसंत का आगमन इन प्रतीकों के माध्यम से व्यक्त होता है: वृक्षों पर फूल नहीं, धुएँ की राख है: पर्यावरणीय गिरावट का चित्रण। पंछी चहचहाते नहीं, साइरन और हॉर्न गूँजते हैं: शहरी शोरगुल का प्रतीक। मनुष्य व्यस्त है, मशीनों में डूबा है: ऋतु परिवर्तन के प्रति असंवेदनशीलता। इस प्रकार, कविता महानगरों में रहने वाले लोगों और प्रकृति के बीच घटते संबंध को उजागर करती है।
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